रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार बंद पड़ा
सुल्तानपुर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। इस वजह से पूछताछ केंद्र व ट्रेनों की लोकेशन के लिए लगा डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड भी बंद है। स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को ट्रेन किस प्लेटफार्म पर और कब आएगी, इसकी जानकारी लेने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 18 जोड़ी ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इन ट्रेनों से पांच हजार यात्री रोज सफर करते हैं। योजना के तहत सर्कुलेटिंग एरिया में चल रहे कार्य को लेकर स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है। यात्रियों को मुख्य प्रवेश द्वार से दक्षिण दिशा में करीब 100 मीटर घूमकर प्लेटफार्म एक तक पहुंचना पड़ता है। वहां से यात्री प्लेटफार्म दो, तीन व चार पर जाते हैं। यहां पर आने वाले यात्रियों को प्रमुख ट्रेनों की लोकेशन, टाइम व प्लेटफार्म की स्थिति जानने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें गाजीपुर-कटड़ा श्रीमाता वैष्णो देवी एक्सप्रेस से जम्मू जाना था। वह प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़े थे। ट्रेन के आने के कुछ ही देर पहले अचानक से ट्रेन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर आने की लाउडस्पीकर पर घोषणा की गई। तभी ट्रेेन भी आ गई। प्लेटफार्म बदलने के लिए दौड़ लगानी पड़ी।
टिकट लेने के लिए तय करनी पड़ रही 200 मीटर की दूरी
मुख्य द्वार से दक्षिणी छोर सेे स्टेशन के अंदर जाने के वैकल्पिक रास्ते की दूरी करीब 100 मीटर है। सामान्य टिकट काउंटर की दूरी करीब 100 मीटर है। यात्रियों को ट्रेनों के सामान्य टिकट लेने के लिए करीब 200 मीटर की दूूरी तय करनी पड़ती है।
सीआईटी कार्यालय को बनाया पूछताछ केंद्र
ट्रेनों की पूछताछ के लिए सीआईटी कार्यालय पर मौजूद स्टाफ को जानकारी देने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए कार्यालय के बाहर जल्द ही पूछताछ केंद्र लिखवा दिया जाएगा। यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी लेने में आसानी होगी।
- बीएस मीना, स्टेशन अधीक्षक