नोटबंदी के 43वें दिन भी जिले में ग्रामीण बैंकों की स्थिति बेपटरी रही। बड़ौदा पूर्वी ग्रामीण बैंक की सेमरी बाजार शाखा पर बुधवार को कैश न मिलने से नाराज खाताधारकों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्साए खाताधारकों ने बैंक के सामने टांडा-बांदा हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया।
शहर स्थित बैंकों में इन दिनों कैश को लेकर व्यवस्था कुछ सुधरी है, लेकिन ग्रामीण अंचल के लोग अब भी दुश्वारियों से गुजर रहे हैं। खासतौर पर ग्रामीण बैंक की शाखाओं में अभी भी करेंसी चेस्ट मांग के मुताबिक नहीं पहुंच पा रही है। इसे लेकर आए दिन कहीं न कहीं बवाल हो रहा है। बुधवार को भी यही हाल रहा।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की सेमरी बाजार शाखा में सुबह ही खाताधारकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक पहुंचे कर्मचारियों ने खाताधारकों को कैश नहीं होने की जानकारी दी। इससे गुस्साए खाताधारकों ने बैंक का शटर गिरा दिया। इसके बाद ग्राहकों ने बैंक शाखा के सामने टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठ कर जाम लगा दिया और बैंक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारियों ने बैंक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए बताया कि वे पिछले दो दिनों से बैंक शाखा के चक्कर लगा रहे हैं, फिर भी कैश नहीं मिल रहा है। जाम से हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
खाताधारकों के प्रदर्शन व जाम लगने की सूचना पर सेमरी चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब एक घंटे बाद जाम खुला। उधर, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ओपी तिवारी ने बताया कि कुछ शाखाओं पर बुधवार को कैश नहीं भेजा जा सका था। इस वजह से समस्या हुई। बृहस्पतिवार को इन शाखाओं पर कैश भेजवाया जाएगा।
सेमरी बाजार ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक केडी गुप्ता ने बताया कि बुधवार को करेंसी चेस्ट नहीं मिलने की वजह से खाताधारकों को भुगतान नहीं दिया जा सका। बैंक में कैश नहीं होने के कारण धन जमा करने का काम किया गया। मुख्यालय अधिकारियों से वार्ता चल रही है। बृहस्पतिवार को कैश मिलने की उम्मीद है।