सुल्तानपुर। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में दुष्कर्म पीड़िता ही कोर्ट में अपने बयान से पलट गई। पीड़िता ने आरोपी के साथ अपनी मर्जी से जाने जाकर शादी रचाने का बयान दे दिया। किशोरी की मां, पिता, भाई समेत पांच गवाह अदालत में गवाही देने से मुकर गए। स्पेशल जज पॉस्को एक्ट/एडीजे प्रथम ने करीब साल भर से बेगुनाह जेल काट रहे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी करते हुए जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। मामला हलियापुर थाने से जुड़ा है।
हलियापुर थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी का 26 मार्च 2014 को अपहरण कर लिया गया था। किशोरी के पिता ने बल्दीराय थाने के अतौला गांव निवासी भगौतीदीन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराकर मामले में दुष्कर्म के अभियोग की बढ़ोतरी कर दी गई थी। मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोपी भगौतीदीन के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म करने और पॉस्को एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। आरोपी भगौतीदीन करीब एक साल से जेल काट रहा है।
उसे कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामसेवक यादव ने बताया कि गवाही के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में बयान से पलट गई। उसने से कोर्ट में बयान दिया कि वह आरोपी के साथ अपनी मर्जी से गई थी और उसने आरोपी के साथ शादी कर ली है। किशोरी की मां, पिता, भाई समेत पांच गवाह भी होस्टाइल हो गए और गवाही देने से मुकर गए। स्पेशल जज पॉस्को एक्ट/एडीजे प्रथम पीके सिंह ने साक्ष्य के अभाव में बेगुनाह जेल काट रहे आरोपी भगौतीदीन को बरी कर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।