धान क्रय केंद्र जा रहे किसान नेता को बृहस्पतिवार की दोपहर तेज रफ्तार रोडवेज बस ने नरायनपारा गांव के पास रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा सहयोगी गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद भड़के लोगों ने लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर जाम लगाकर जमकर उपद्रव किया। उन्होंने कादीपुर पुलिस की जीप और चारबाग डिपो की बस को आग के हवाले कर दिया। कई थानों की पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।
भाकियू (चौधरी गुट) के जिला उपाध्यक्ष जुग्गीलाल यादव (55) निवासी शाहपुर लपटा थाना मोतिगरपुर व नन्हेलाल वर्मा (45) निवासी बिसुनपुर दोपहर को बाइक से कादीपुर धान क्रय केंद्र जा रहे थे। बाइक नन्हेलाल वर्मा चला रहा था।
कादीपुर कस्बे से पहले नरायनपारा गांव के पास सामने से आ रही अनियंत्रित रोडवेज बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में जुग्गीलाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नन्हेलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद चालक बस लेकर भाग निकला। हादसे से आक्रोशित लोगों ने लखनऊ-बलिया हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस को देखते ही भीड़ उग्र हो गई।
भीड़ ने पुलिस वाहन पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिस वाले जीप छोड़कर भाग खड़े हुए। उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस जीप और चारबाग डिपो की एक बस को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते दोनों वाहन धू-धूकर जलने लगे। मामले की जानकारी मिलने पर पहुंचे उपजिलाधिकारी कादीपुर मोतीलाल सिंह के वाहन पर भी भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव से एसडीएम के ड्राइवर रमाशंकर यादव के हाथ में चोट लग गई।
हाईवे पर चल रहे बवाल की जानकारी मिलने के बाद सीओ कादीपुर योगेंद्र सिंह व कई थानों की पुलिस नरायनपारा पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ।
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भीड़ को तितर-बितर किया। शाहपुर लपटा निवासी जुग्गीलाल यादव के ऊपर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। परिवार में पत्नी के अलावा पुत्र चिंतामणि, तीन पुत्रियां कोमल, रानी व आकांक्षा हैं। आकांक्षा के अलावा तीनों की शादी हो चुकी है। जुग्गीलाल की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा है।
जुग्गीलाल 1998 में भाकियू से जुड़े थे। क्षेत्र के किसान आंदोलनों में वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। यही वजह रही कि भाकियू चौधरी गुट में उन्हें जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जुग्गीलाल के निधन पर अन्य किसान दलों ने भी शोक जताया है।