अमेठी। चार दिन पूर्व स्थानीय थाने के बाबूपुर गांव में पेड़ से लटके मिले युवती के शव के मामले में नया मोड़ आ गया है। मंगलवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने दावा किया कि युवती की मां ने जिस युवक पर हत्या का केस दर्ज कराया था उसने युवती की हत्या नहीं की। पुलिस का कहना था कि मामले में कई अहम सबूत मिलने के बाद युवक पर दर्ज हत्या के केस को मिनिमाइज कर दिया गया है। दर्ज मामले की विवेचना अब महज आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप तक केंद्रित रहेगी।
पिछले चार जनवरी की दोपहर स्थानीय थाने के बाबूपुर गांव में एक 24-25 वर्षीय अज्ञात युवती का शव बाग में स्थित आम के पेड़ से लटका मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर जिला अस्पताल भेजा था। उसी दिन देर शाम अस्पताल पहुंची थाना क्षेत्र की एक महिला ने युवती को अपनी पुत्री बताते हुए अन्नी बैजल के रहने वाले युवक मो. अफसर पर अपनी पुत्री को ले जाने और फिर हत्या कर आम के पेड़ से लटका देने का आरोप लगाया था।
मां की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मंगलवार को एएसपी दयाराम व सीओ अर्पित कपूर की मौजूदगी में घटना का खुलासा करते हुए गौरीगंज पुलिस ने दावा किया कि युवक ने युवती की हत्या नहीं की। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद दर्ज केस में हत्या की धारा हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ी गई है।
एएसपी ने आरोपी युवक को मंगलवार सुबह टिकरिया मोड़ के पास से गिरफ्तार करने की बात कही। एएसपी ने कहा कि युवक का चालान न्यायालय भेजा गया है। मामले की त्वरित विवेचना कर चार्जशीट भी अदालत भेजी जाएगी। पुलिस भले ही युवक की गिरफ्तारी मंगलवार को होने का दावा करे लेकिन सूत्र बताते हैं कि उसकी गिरफ्तारी पांच जनवरी को ही हो गई थी। तीन दिन तक चली जोड़-तोड़ के बाद मंगलवार को मामले का खुलासा किया गया। हालांकि एएसपी ने साफ किया कि युवक मंगलवार को ही पकड़ा गया।