सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री व केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री को संदर्भित पत्र में कूटरचना कर धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह को शुक्रवार को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वर्तिका सिंह की ओर से दी गई अग्रिम जमानत अर्जी एडीजे द्वितीय इंतेखाब आलम ने खारिज कर दी। यह अर्जी खारिज होने से वर्तिका सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
निशानेबाज वर्तिका सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को एडीजे द्वितीय इंतेखाब आलम की कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने फर्जी केस में फंसाए जाने की बात कही। वर्तिका सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है। आरोपी ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री को संदर्भित पत्र में कूटरचना करके धोखाधड़ी की है। उसके खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अग्रिम जमानत अर्जी दी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद वर्तिका सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने से वर्तिका सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता ने 23 नवंबर 2020 को प्रतापगढ़ के अंतू क्षेत्र के रायचंदपुर गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह व कांग्रेस के पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो के खिलाफ मुसाफिरखाना कोतवाली में केस दर्ज कराया था। आरोप है कि रायबरेली के सलोन क्षेत्र में अस्पताल निर्माण के लिए केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री को संदर्भित पत्र में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर कूटरचना कर पत्र लिखा गया है। इस पत्र को कांग्रेस के पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो ने सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
मामले में पुलिस ने विवेचना में अयोध्या के कुमारगंज थाने के ग्राम बहबरमऊ निवासी डॉ. रजनीश सिंह को भी आरोपी बना दिया था। पुलिस ने वर्तिका सिंह व डॉ. रजनीश सिंह के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है, जबकि कांग्रेस के पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो को क्लीन चिट देते हुए उनका नाम विवेचना में निकाल दिया है।