सुल्तानपुर। निर्माणाधीन मकान से गुजरी हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से राजगीर की मौत के मामले में ठेकेदार व मकान मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप की अर्जी को सीजेएम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने आरोपी ठेकेदार व मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर निष्पक्ष जांच के लिए अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली प्रभारी को आदेश दिया है।
अमेठी जिले के पीपरपुर थाने के चुल्लू का पुरवा मजरे मई गांव निवासी गायत्री ने गत 12 जुलाई की घटना बताते हुए अदालत में अर्जी दिया। आरोप के मुताबिक, उसके पति अमित कश्यप राजगीर का काम करते थे। उनका अमेठी जिले के पीपरपुर के पहलवान का पुरवा घोरहा निवासी ठेकेदार सुनील कुमार कश्यप के पास 12 हजार रुपये बकाया था। पैसों की मांग करने पर ठेकेदार सुनील मनमानी जगह पर उनके पति से काम करवाते थे।
अमेठी जिले के मुसाफिरखाना के मुबारकपुर निवासी मकान मालिक सोनू चौहान के यहां दीवार बनाने का काम चल रहा था, निर्माणाधीन मकान के ऊपर से एचटी विद्युत लाइन गई थी। आरोप है कि उनके पति ने बिजली का तार देखकर काम करने से मना किया था, लेकिन काम नहीं करने पर बकाया पैसा देने से ठेकेदार ने मना कर दिया।
इसकी वजह से मजबूरन अमित कश्यप को काम करना पड़ा और इस दौरान करंट लगने से उनकी मौत हो गई। पत्नी ने गैरइरादतन हत्या का आरोप लगाते हुए कोर्ट में अर्जी दी, जिस पर अदालत ने मुकदमा दर्ज करने व निष्पक्ष जांच का आदेश दिया है।