दूबेपुर (सुल्तानपुर)। कागजातों की जांच कराने आई महिला अनुदेशक और उसके पति के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सोमवार को कागजातों की जांच कर रहे तीन अनुदेशकों का रैपिड टेस्ट कराया गया। राहत की बात यह रही कि तीनों निगेटिव पाए गए। महिला अनुदेशक के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद भी कागजातों की जांच प्रक्रिया जारी रहने से अनुदेशकों में भय व्याप्त है।
दूबेपुर विकासखंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों का शैक्षिक दस्तावेज जांचने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय अमहट में तीन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रतिदिन 25-25 की संख्या में अनुदेशक जांच के लिए बुलाए गए थे। सात अगस्त को एक महिला अनुदेशक अपने पति के साथ कागजात की जांच कराने आई थी, जो बाद में कोरोना पॉजिटिव पाई गई।
इसके बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय में अभिलेखों की जांच कर रहे कर्मियों का रैपिड टेस्ट कराया गया। टेस्ट में तीनों की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। अनुदेशकों का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव केस पाए जाने के बाद भी शैक्षिक दस्तावेजों की जांच जारी रखी गई। यह शासन की गाइडलाइन के विपरीत है।