सुल्तानपुर। बीएससी छात्र अमन यादव हत्याकांड में चांदा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अपहरण के बाद यदि पुलिस सक्रिय होती, तो शायद अमन की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस अधीक्षक ने मामले में लापरवाही बरतने पर चांदा थानाध्यक्ष, उप निरीक्षक व तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
शनिवार रात चांदा के ईशीपुर के पास से साढ़ापुर निवासी बीएससी छात्र अमन यादव का अपहरण कर सफीपुर के पास उसकी हत्या कर शव को इब्राहिमपुर घाट के पास गोमती नदी में फेंक दिया था। रविवार सुबह उसका शव मिला था। मृतक के चचेरे भाई संदीप यादव ने आरोप लगाया कि रात में ही चांदा पुलिस को अपहरण की घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई और आरोपियों ने अमन की हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस समय से सक्रिय हो गई होती तो अमन को बचाया जा सकता था। मामले में त्वरित कार्रवाई न करने पर सोमवार को पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने चांदा थानाध्यक्ष दीपेंद्र विक्रम सिंह, उप निरीक्षक चुन्नू लाल, मुख्य आरक्षी शहंशाह, आरक्षी अनुराग व दिनेश रावत को निलंबित कर दिया।
केएनआईटी चौकी प्रभारी व तीन पुलिसकर्मी निलंबित
सुल्तानपुर। शहर से सटे इमामदीन का पुरवा में चार दिसंबर को दुकान में हुई आगजनी की घटना में लापरवाही बरतना केएनआईटी के चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक शंकर बक्श सिंह को भारी पड़ा। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने सोमवार को उन्हें निलंबित कर दिया है। इसके अलावा दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर एसपी ने कोतवाली नगर के मुख्य आरक्षी भोलानाथ सरोज, आरक्षी संदीप यादव व अखिलेश निर्मल को भी निलंबित करने की कार्रवाई की है। (संवाद)