परीक्षा देकर निकलते विद्यार्थी।-
सुल्तानपुर। संस्कृत बोर्ड परीक्षा के पहले दिन संस्कृत के सूत्रों में विद्यार्थी उलझे रहे। अनिवार्य संस्कृत के प्रश्नपत्र को हल करने में परीक्षार्थी परेशान रहे। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर कठिन था, कई ऐसे प्रश्न आए थे, जिन्हें हल करने में समय कम पड़ गया।
संस्कृत माध्यमिक शिक्षा परिषद की पूर्व मध्यमा (कक्षा-10) और उत्तर मध्यमा प्रथम वर्ष (कक्षा-11) की अनिवार्य संस्कृत विषय की परीक्षा चार केंद्रों पर पहली पाली में हुई। पंजीकृत 890 के सापेक्ष 237 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) में पंजीकृत 275 के सापेक्ष 22 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में कमलाकर संस्कृत महाविद्यालय से परीक्षा देकर निकली छात्रा शालिनी यादव ने बताया कि पेपर काफी कठिन रहा।
मॉडल प्रश्नपत्र हल करने का कोई फायदा नहीं मिला। कोमल जायसवाल ने बताया कि प्रश्नपत्र औसत रहा। कुछ प्रश्नों ने काफी उलझाया तो कुछ काफी आसान थे। वंदना भारती ने कहा कि अनिवार्य संस्कृत का प्रश्नपत्र उनके हिसाब से ठीक था। दो-चार प्रश्नों को छोड़ दें तो बाकी प्रश्न ठीक थे। ज्योति ने बताया कि जो तैयारी की थी, उनमें से काफी प्रश्न आए थे, दो प्रश्नों को हल करने में काफी समय लग गया।
कंट्रोल रूम से हुई ऑनलाइन निगरानी
डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि परीक्षा की निगरानी ऑनलाइन तरीके से की गई। दो सचल दस्तें में से एक सचल दस्ते ने सभी केंद्रों का निरीक्षण किया। कहीं से भी कोई नकलची नहीं पकड़ गया।