सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को मुख्य द्वार पर जूता-मोजा उतरवाने पर पूरी तरह से मनाही रहेगी। आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। यदि किसी परीक्षार्थी पर नकल सामग्री उसके जूते या मोजे में रखे होने का शक हो तो तलाशी लेने के बाद जूते-मोजे पहनकर कक्ष में भेजा जाए।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 127 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 79,666 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसमें हाईस्कूल में 39785 व इंटर मीडिएट में 39887 परीक्षार्थी शामिल हैं। बृहस्पतिवार को डीआईओएस रविशंकर ने बताया कि 24 फरवरी से 12 मार्च तक परीक्षा है। हल्की ठंड होने से बोर्ड ने इस बार पूरी तरह से जूता-मोजा उतरवाने पर रोक लगाकर परीक्षार्थियों को सहूलियत दी है।
बताया कि परीक्षा केंद्रों पर मीडिया ब्रीफिंग पर भी रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए आईटी टीम बनाने की तैयारी चल रही है। परीक्षा केंद्र पर बालिका परीक्षार्थियों की तलाशी सिर्फ महिला अध्यापिकाएं ही लेंगी। सभी केंद्रों को अपने आंतरिक सचल दस्ते में कम से कम दो महिला शिक्षिकाओं को शामिल करने के लिए कहा गया है। कक्ष निरीक्षकों व अन्य कर्मचारियों के परिचय पत्र की भी जांच की जाएगी।
स्ट्रांग रूम में प्रवेश करने वालों का रखना होगा रिकार्ड
एडीआईओएस जेएस यादव ने बताया कि बोर्ड परीक्षा के दौरान स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी गई है। बोर्ड परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का बंडल निकालने और बचे प्रश्नपत्र को वापस रखने आदि कार्यों में कई बार खोलना पड़ता है। परीक्षा केंद्रों पर बने स्ट्रांग रूम और उसके डबल लॉकर की सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता प्रभावित होने की आशंका होती है। परीक्षा केंद्रों पर बने स्ट्रांग रूम में प्रवेश करने वालों का रिकार्ड एक रजिस्टर में दर्ज करना होगा। साथ ही उसे खोलने का कारण भी दर्ज करना होगा।