मुसाफिरखाना क्षेत्र के जमुवारी गांव के पास बुधवार की रात औरंगाबाद-रजबहा नहर की पटरी कटने से किसानों की करीब 10 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। नहर की पटरी कटने की जानकारी होने पर गांव के लोग पहुंचे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद कटान को काबू किया। सूचना देने के बाद भी नहर विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं समझा।
बुधवार की रात करीब 12 बजे जमुवारी गांव में स्थित पुल के बगल औरंगाबाद-रजबहा माइनर की पटरी कट गई। पानी बहने के कारण धीरे-धीरे पटरी की कटान लगभग एक मीटर तक चौड़ी हो गई। नहर से तेजी निकल रहा पानी 10 बीघे तक फैल गया। जानकारी मिलते ही ग्रामीण नहर की पटरी पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मुसाफिरखाना से जल स्तर को कम करवाया। पानी घटने पर ग्रामीणों ने घंटों मेहनत के बाद पटरी दुरुस्त की।
जब तक ग्रामीणों ने पटरी को दुरुस्त किया तब आस पास करीब 10 बीघा फसल जलमग्न हो गई। गुरुवार को सुबह किसान अपने खेतों के मेड़ काट कर पानी निकलने की जद्दोजहद में लगे रहे। ग्रामीणों के मुताबिक नहर की पटरी को दुरुस्त करने के लिए नहर विभाग को सूचना दी गई। बावजूद इसके मौके पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।