ऐतिहासिक दुर्गा पूजा महोत्सव में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार की भोर तक चला। सुबह तक विसर्जन देखने के लिए भक्तों का जमावड़ा सीताकुंड घाट पर लगा रहा। देर रात तक पूजा समिति के पदाधिकारी भी घाट पर जमे रहे।
मंगलवार को देवी प्रतिमाओं की विसर्जन शोभा यात्रा निकाली गई। 48 घंटे से अधिक समय तक पूरे शहर में भ्रमण करने के बाद शहर की मूर्तियां सीताकुंड घाट पर पहुंचीं। मूर्तियों का
विसर्जन गोमती नदी में किया गया। बुधवार को सुबह से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला पूरी रात तक जारी रहा। गुरुवार की भोर करीब आठ बजे तक देवी प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा।
पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने अश्रुपूरित नेत्रों से मूर्तियों का विसर्जन किया। दुर्गा पूजा महोत्सव के सकुशल संपन्न होने के बाद पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने राहत की सांस ली।