अमेठी। मामूली विवाद में चचेरे भाई को बचाने पहुंचे ईंट भठ्ठा मालिक को गोलियों से भून डाला गया। गंभीर हालत में भठ्ठा मालिक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या की सूचना मिलते ही परिवारीजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने शव अस्पताल के गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों को समझाने पहुंची एसपी से परिवारीजन भिड़ गए।
गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के बिसुनदासपुर गांव निवासी ईंट भठ्ठा मालिक विजय कुमार सिंह उर्फ सोनू (33) पुत्र शिव नायक सिंह का चचेरा भाई अर्पित सिंह पुत्र शिव प्रताप सिंह मंगलवार की देर शाम किसी काम से गौरीगंज बाजार आया था।
अर्पित बाजार से लौट रहा था तभी रास्ते में मुसाफिरखाना तिराहे पर स्थित नहर पुल के पास दो बाइकों पर सवार पांच युवकों से उसका विवाद हो गया। अर्पित ने रास्ते से गुजर रहे एक परिचित से अपने बड़े भाई विजय कुमार सिंह उर्फ सोनू को मदद के लिए भेजने को कहा।
परिचित व्यक्ति विजय के पास पहुंचा और उन्हें पूरी बात बताई। सूचना मिलते ही विजय उर्फ सोनू बाइक लेकर नहर पुल के पास पहुंचे तभी उन्हें गोलियों से भून डाला गया। एक गोली सोनू के सिर पर लगी, जबकि दूसरी पेट में लगी।
गोली मारने के बाद हमलावर असलहा लहराते हुए फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर बाजार में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने भठ्ठा मालिक को तत्काल संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भठ्ठा मालिक की हत्या से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
हत्या की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. ख्याति गर्ग पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं। क्षेत्रीय विधायक राकेश सिंह के साथ ही सत्तापक्ष व विपक्ष के तमाम नेता भी अस्पताल पहुंच गए।
मृतक के भाई अर्पित सिंह ने एसपी को बताया कि गौरीगंज कस्बे के चंद्रशेखर केसरवानी, शुभम तिवारी, संदीप जायसवाल, कल्लू अग्रहरि व गोलू ने उनके भाई की गोली मारकर हत्या की है।
एएसपी दयाराम सरोज ने बताया कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। दूसरी तरफ हत्या से नाराज परिवारीजनों ने शव को जिला अस्पताल गेट के सामने सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
लोगों की मांग थी कि जब तक हमलावर गिरफ्तार नहीं किए जाते शव को पोस्टमॉर्टम के लिए न भेजा जाए। पुलिस के अधिकारियों ने किसी तरह से शव को सड़क से हटाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
लोगों को समझा रही पुलिस अधीक्षक से उतेजित परिवारीजन भिड़ गए। एसपी किसी तरह वहां से वापस लौटीं। समाचार लिखे जाने तक तनाव की स्थिति है।