सुल्तानपुर। चालू वित्तीय वर्ष के बजट की मंजूरी के लिए बुधवार को तीसरी बार बुलाई गई नगर पालिका बोर्ड की बैठक में फिर हंगामा हो गया। विभिन्न कार्यों व एजेंडे को लेकर ज्यादातर सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
सभासदों के भारी विरोध व बहिष्कार के बीच चेयरमैन ने विशेष प्रावधानों का प्रयोग करते हुए 56.73 करोड़ का बजट स्वीकृत करते हुए गेंद शासन के पाले में डाल दी है। ज्यादातर सभासदों ने चेयरमैन पर नियम विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सभासदों ने चेयरमैन पर कोरम के अभाव में बजट पास करने का भी आरोप लगाया है।
नगर पालिका में चालू वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले कार्यों के बजट की स्वीकृति के लिए चेयरमैन की ओर से बुधवार को फिर बोर्ड की बैठक बुलाई गई। इसके पहले बोर्ड की दो बैठकें कोरम के अभाव में स्थगित हो चुकी हैं। बुधवार को बुलाई गई बैठक शुरू होते ही चेयरमैन बबिता जायसवाल ने सदन के सामने चालू वित्तीय वर्ष में नगर पालिका की ओर से कराए जाने वाले कार्यों के लिए करीब 56 करोड़ 73 लाख का बजट सदन के सामने रखा।
चेयरमैन की ओर से सालाना बजट पेश करते ही ज्यादातर सभासदों ने हंगामा शुरू कर दिया। सभासदों ने चेयरमैन पर नियम विरुद्ध कार्य करने व कुछ एजेंडों को शामिल न करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।
कई सदस्यों की ओर से बैठक का बहिष्कार करने के बाद नगर पालिका के सालाना बजट की स्वीकृति पर फिर संकट छा गया। इसे देखते हुए चेयरमैन ने विशेष प्रावधानों का प्रयोग करते हुए 34 में से आठ सदस्यों की मौजूदगी में 56.73 करोड़ रुपये के सालाना बजट को मंजूरी दे दी।
विरोध के बीच 26 सदस्य बैठक में नहीं शामिल हुए। इनमें से ज्यादातर सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया। पालिकाध्यक्ष बबिता जायसवाल ने बताया कि बजट स्वीकृति के दौरान विधानपरिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह समेत सात सदस्य मौजूद रहे।
सदस्यों की सहमति से चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया गया। विभिन्न कार्यों के लिए सदस्यों की सहमति से 56.73 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें 2.75 करोड़ रुपये जल संपूर्ति अधिष्ठापन व 10 करोड़ रुपये सफाई मद के हैं। बताया कि दो बैठकें स्थगित होने के बाद शासन से प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मौजूद सदस्यों की सहमति से बजट पास किया गया है।
नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कोरम के अभाव में बजट स्वीकृत होने की सूचना पर विरोधी खेमे के सभासद जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच गए। भाजपा की नगर पालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल के खिलाफ भाजपा समेत कई अन्य सभासदों ने बजट का विरोध किया।
सभासदों ने पालिकाध्यक्ष पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कोरम के अभाव में बजट पास कराने की बात कही है। सभासद अमोल बाजपेई ने कहा कि चेयरमैन की ओर से जनहित के कार्य को एजेंडे में शामिल ही नहीं किया गया है।
कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन को सभासदों ने सात सूत्री ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देते हुए पालिका की ओर से स्वीकृत बजट को रद्द करने व जनहित के कार्य समेत अन्य बिंदुओं को शामिल करने की मांग की। विरोध करने वाले सभासदों में डॉ. संतोष सिंह, मिथिलेश चौरसिया, मंगरू प्रजापति, संतोष मिश्रा, मंजू सिंह, सज्जाद खान व राजदेव शुक्ल समेत अन्य सभासद शामिल रहे।