सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं इसका खुलासा मंगलवार को एक बार फिर हुआ। यहां अल्ट्रासाउंड के नाम पर मरीजों व तीमारदारों से खुलेआम अवैध वसूली हो रही है।
मरीजों से सौ रुपये वसूल किए जाते हैं। जो मरीज व तीमारदार रुपये नहीं देते उनका नंबर तीन से चार दिन बाद लगता है। मजबूरन मरीज व तीमारदार रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराते हैं।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंगनाकोल की रहने वाली नजमा पत्नी सलमान को चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा था। मंगलवार को नजमा के परिवारीजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे।
परिवारीजनों के अनुसार जो लोग अल्ट्रासाउंड के लिए सौ रुपये सरकारी परचे के साथ अंदर बैठे चिकित्सक के पास भेजते हैं उन्हें तत्काल बुला लिया जाता है। जो रुपये नहीं देते उन्हें तीन से चार दिन बाद बुलाया जाता है।
नजमा को भी चिकित्सक ने चार दिन बाद बुलाया है। खरसोमा गांव की रहने वाली रेनू पत्नी महेश भी अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची थी। परिवारीजनों ने बताया कि वे 20 किलोमीटर दूर से आए हैं।
बिना रुपये लिए यहां अल्ट्रासाउंड नहीं किया जाता है। कूरेभार के लमकना दूबेपुर की रहने वाली प्रतिमा पत्नी उमेश भी अल्ट्रासाउंड के लिए आई थीं। प्रतिमा के घर वालों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के नाम पर सौ रुपये लिए गए। तब जाकर अल्ट्रासाउंड किया गया।
इसी गांव की फूलकली पत्नी रामनरेश ने कहा कि जो लोग रुपये देते हैं उन्हें तत्काल देखा जाता है और उनका अल्ट्रासाउंड किया जाता है। उसे अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार सोनकर ने पहले 10 अक्तूबर को बुलाया था, फिर 11 को, लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं किया। इसके बाद उसे आज बुलाया गया है। खुलेआम अल्ट्रासाउंड के नाम पर 100 रुपये वसूल किए जा रहे हैं।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. ऊर्मिला चौधरी ने कहा कि अल्ट्रासाउंड के नाम पर रुपये लिए जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। वे खुद मंगलवार को अस्पताल में मौजूद थीं। यदि किसी से अल्ट्रासाउंड के नाम पर रुपये लिए जा रहे हैं अथवा मांगे गए तो इसकी शिकायत उनसे करें। मामले में जांच के बाद कार्रवाई होगी।