सुल्तानपुर। पुलिस टीम पर हमले व अवैध असलहा बरामदगी के मामले में आरोपियों की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में शनिवार को जमानत अर्जी पर बहस हुई। जिला जज सुनील कुमार ने आरोपियों की जमानत के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए उनकी अर्जी मंजूर कर ली है।
मोतिगरपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बीते 27 अक्तूबर की रात की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक पुलिस टीम रात्रि गश्त पर निकली थी, तभी बेलवारी मोड़ के पास मोटर साइकिल सवार संदिग्ध लोगों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक जवाबी हमले में उन्हें भी गोली लग गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध असलहा व कारतूस बरामद करते हुए जेल भेजा था। आरोपियों की पहचान अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर के फिरोजपुर निवासी नीरज लोना व समीर लोना के रूप में हुई थी। दोनों आरोपियों की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में प्रस्तुत जमानत अर्जी पर बहस हुई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस की कहानी को फर्जी व निराधार बताया। बचाव पक्ष के मुताबिक पुलिस के जरिये बताई जा रही मुठभेड़ में पुलिस कर्मियों को कोई चोट नहीं आई थी, बल्कि साजिशन फर्जी केस बनाने के लिए आरोपियों के पैर में पुलिस ने गोली मारी थी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने आरोपियों की क्रिमिनल हिस्ट्री बताते हुए जमानत पर विरोध जताया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात जिला जज सुनील कुमार की अदालत ने पुलिसिया की कहानी व उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जमानत का पर्याप्त आधार पाते हुए उनकी अर्जी मंजूर कर लिया।