ज्येष्ठ मास के पहले मंगल पर हनुमान मंदिरों में श्रद्घालुओं की भारी भीड़ दिखाई पड़ी। भक्तों ने बजरंगबली की पूजा-अर्चना की। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दिन भर पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल पर बिजेथुआ महावीरन धाम में आस्था का सैलाब उमड़ा। भोर से ही यहां भक्तों का तांता लगने लगा। जयकारा लगाते दूर-दराज से आई भक्तों की टोली बिजेथुआ महावीरन माथा टेकने पहुंची। पवित्र मकरी कुंड मे स्नान कर लोगों ने महाबली हनुमानजी का दर्शन कर मन्नतें मांगी। भक्तों ने सिंदूर का तिलक लगाकर बजरंगबली को लड्डू का भोग लगाया।
वैसे तो प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को बिजेथुआ महावीरन में भक्तों का हुजूम होता है लेकिन ज्येष्ठ मास का पहला मंगल होने से दर्शन के लिए भारी संख्या मे लोग परिवार समेत यहां पहुंचे। बिजेथुआ धाम पर कड़ाही चढाने की परंपरा है।
मान्यता है कि कड़ाही में बने पकवान का भोग लगाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। स्थानीय लोगों की ओर से श्रद्घालुओं के आवागमन को लेकर धार्मिक स्थल के आसपास साफ-सफाई व अन्य इंतजाम किए गए थे।