सुल्तानपुर। वीबीजी रामजी योजना के एकदिनी अभियान के बाद दूसरे दिन मजदूरों की संख्या में कमी आई है। 4856 श्रमिक कम हुए और 26 ग्राम पंचायतों में काम ठप हो गया। इसके बाद कार्यों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत सोमवार को योजना के श्रमिकों को सर्वाधिक रोजगार देने का लक्ष्य था। शासन ने 88 हजार श्रमिकों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा था। विकास विभाग के प्रयासों से 12 अक्तूबर को 55,107 श्रमिकों को 3480 कार्यों में लगाया गया। सभी 979 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू हुए थे। अभियान समाप्त होते ही दूसरे दिन मजदूरों की संख्या 50,251 पर आ गई। ग्राम पंचायतों की संख्या भी घटकर 953 रह गई। योजना के उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभियान में कुछ छोटे कार्य भी शामिल थे। एक दिन में काम समाप्त होने से मजदूरों और ग्राम पंचायतों की संख्या घटी है।
30 हजार श्रमिकों की हाजिरी फंसी
सोमवार को चलाए गए अभियान के दौरान सर्वर में समस्या आ गई। इससे काम में लगे 55,107 श्रमिकों में से करीब 30 हजार की हाजिरी ऑनलाइन नहीं लग सकी। केवल 26 हजार श्रमिकों की उपस्थिति ही दर्ज हो पाई। हाजिरी नहीं लगने से इन श्रमिकों का मजदूरी भुगतान अटक गया है। उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सर्वर की समस्या प्रदेश के अधिकांश जिलों में थी। श्रमिकों की हाजिरी और भुगतान के लिए ग्राम विकास आयुक्त को जानकारी दी गई है। उनके निर्देशानुसार आगे कदम उठाए जाएंगे।