सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना पर तहसीलों ने ब्रेक लगा दिया है। डूडा से विभिन्न तहसीलों में जांच के लिए भेजे गए 3,480 आवेदन लंबित हैं। इसमें करीब एक हजार आवेदन दोबारा भेजे गए हैं। तहसीलों की ओर से सत्यापन रिपोर्ट नहीं भेजे जाने से आवेदकों की पात्रता ही लटकी है।
शहरी क्षेत्र में कमजोर वर्ग के लोगों को आवासीय सुविधा दिए जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन अप्रैल से लिए जा रहे हैं। आवेदकों की पात्रता सत्यापित करने के लिए गाइडलाइन के मुताबिक, तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। पात्रता की जांच में तहसीलों ने डूडा से भेजे गए आवेदनों को लटका दिया है। 3480 आवेदनों में सर्वाधिक लंभुआ नगर पंचायत क्षेत्र के 1859 आवेदन लंबित हैं। अधिकांश मामलों में डूडा व नगर निकाय की ओर से जांच पूरी कर ली गई है, लेकिन तहसीलों की जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से पात्रता लटकी है।
सूचना मिलने पर आवेदन करने वाले लोग तहसीलों के लेखपालों का चक्कर लगा रहे हैं। लेखपालों की ओर से डूडा को रिपोर्ट नहीं दी जा रही है। डूडा के परियोजना अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि तहसीलों की जमीन संबंधी रिपोर्ट मिलने के बाद ही पात्रता की सही पुष्टि हो पाती है। तहसीलों को जांच के लिए भेजे गए आवेदन कुछ नए और कुछ पूर्व के हैं। जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर एडीएम वित्त एवं राजस्व के निर्देश पर दोबारा काफी आवेदन भेजे गए हैं। इसके पहले 1543 की जांच रिपोर्ट मिलने पर आवास की संस्तुति करते हुए धनराशि आवंटन की मांग की गई है। पात्रों के खाते में धनराशि जल्द मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन किस्तों में शहरी पीएम आवास के लिए 2.50 लाख रुपये दिए जाते हैं।
नगर निकायवार लंबित आवेदन
दोस्तपुर- 603
कादीपुर- 347
कोइरीपुर-392
लंभुआ- 1859
नगरपालिका- 279
एसआईआर की वजह से आई कुछ सुस्ती
एसआईआर की वजह से पीएम आवास की पात्रता जांच में कुछ सुस्ती आई है। डूडा की ओर से आवेदकों की भेजी सूची की जांच करके जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश उपजिलाधिकारियों को दिए गए हैं। शिकायतें मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।