गौरीगंज। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में डिफॉल्टर होना डीपीआरओ, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी व ईओ गौरीगंज को महंगा पड़ा।
समीक्षा के दौरान शिकायतें लंबित मिलने से नाराज एडीएम ने तीनों अफसरों को नोटिस दी है। नोटिस में तीन दिन में गुणवत्तापरक तरीके से शिकायतें निस्तारित करते हुए जवाब मांगा गया है। शिकायतें निस्तारित नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जनशिकायतों के निस्तारण के लिए संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समय सीमा में नहीं कर पाना जिले के तीन अफसरों को भारी पड़ा।
बुधवार को एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनजर से शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा रिपोर्ट मांगी तो बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के पास तीन, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद गौरीगंज के पास एक और जिला पंचायत राज अधिकारी के पास 67 शिकायतें लंबित मिलने के साथ डिफॉल्टर की श्रेणी में मिलीं।
अफसरों की ओर से शिकायत निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही से नाराज एडीएम ने तीनों को नोटिस दी है। नोटिस में तीन दिन में हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों का निस्तारण कर जवाब देने का निर्देश दिया है। एडीएम ने भविष्य में शिकायत निस्तारण में डिफॉल्टर होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने की दशा में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।