सुल्तानपुर। जिला जज के आदेश के बावजूद पीपरपुर थाने की पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में केस डायरी कोर्ट में नहीं भेजी। केस डायरी नहीं आने से अभियुक्त की जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो पाई।
पुलिस की कार्यशैली पर जिला जज ने नाराजगी जताई है। मामला पीपरपुर थाने के ग्राम खानजादा का पुरवा मौजा दहियावां से जुड़ा है।
गांव निवासी मो.यासीन का पुत्र इरफान और भतीजा अमीन 30 जुलाई 2019 को संदिग्ध परिस्थितियों में गांव से कहीं गायब हो गए थे। पिछले पांच अगस्त को इरफान की लाश गोसाईगंज थाना क्षेत्र में नहर से बरामद हुई थी।
इसके दूसरे दिन ही अमीन की भी लाश नहर से बरामद हुई थी। परिवारीजनों की मानें दो युवकों की धारदार हथियार से हत्या करके साक्ष्य मिटाने के लिए लाश नहर में फेंक दी गई थी।
डबल मर्डर की विवेचना कर रही पुलिस ने गड़ेरियन का पुरवा मौजा गुडुरी निवासी सत्य नरायन पाल को ममाले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है। आरोपी की जमानत अर्जी पर जिला जज तनवीर अहमद ने पिछले 19 अगस्त को पुलिस से केस डायरी समेत अन्य अभिलेख पेश करने का आदेश दिया था।
तब से मामले में सुनवाई के लिए तीन पेशी नियत की गई, लेकिन पुलिस ने केस डायरी नहीं भेजी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रवि शुक्ल ने कहा कि पुलिस जान-बूझकर दोहरे हत्याकांड में केस डायरी नहीं भेज रही है। पुलिस की कार्यशैली पर जिला जज ने नाराजगी जताई है।