सुल्तानपुर। एनी बुलियन कंपनी बनाकर निवेश के नाम पर हजारों लोगों को ठगने वाले 50 हजार रुपये के इनामी जालसाज अजीत कुमार को बृहस्पतिवार सुबह एसटीएफ व पीजीआई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे वृंदावन सेक्टर-8 के अंडरपास के पास दबोचा गया। अजीत पर लखनऊ, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर सहित कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं।
प्रभारी निरीक्षक पीजीआई केके मिश्रा के मुताबिक अयोध्या के कुमारगंज विश्वविद्यालय नर्सरी के सामने रहने वाला अजीत कुमार गुप्ता शातिर जालसाज है। उसने एनी बुलियन नाम की कंपनी खोली, जो हीरा, सोने व चांदी के नोट और सिक्कों का व्यापार करती थी।
अजीत ने कंपनी में निवेश के लिए लोगों को एक साल में 40 फीसदी मुनाफे का लालच दिया। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को इसका लाभ दिया, जिससे निवेशकों की संख्या बढ़ती गई। निवेश में मिले रुपये अजीत शेयर मार्केट व सोने-चांदी की तस्करी में लगाने लगा, जिसका लाभ उसने खुद कमाया। निवेशकों को कुछ नहीं दिया।
अजीत ने लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, अमेठी जैसे जिलों के हजारों लोगों से कई करोड़ रुपये की ठगी की। इसकी जालसाजी का नेटवर्क उत्तराखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में फैला है। इन प्रदेशों में भी इसने सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।
प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा के मुताबिक अजीत ने ठगी का कारोबार बढ़ाने के लिए आई विजन नाम की एक सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा 10 कंपनियां बनाईं, जिनमें लोगों को निवेश करने पर मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया।
निवेशकों के रुपये की मेच्योरिटी होने के बाद वापस करने के लिए एनी बुलियन नाम की कंपनी का चेक बनाता था। उसके बाद उसी रुपये का निवेश दूसरी कंपनी में करवा देता था। फर्जी कागजात तैयार कर वह चेक अपने पास रख लेता था।
पुलिस के मुताबिक अजीत ने 2009 में बोनांजा नाम की कंपनी से फ्रेंचाइजी ली। इसके जरिये ट्रेडिंग शुरू की। 2010 में एनी बुलियन फर्म नाम से एक रजिस्ट्रेशन कराया। एक साल तक लोगों से रुपये लोन लेकर कारोबार का झांसा देता रहा।
2010 में ही अजीत ने एनी बुलियन इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बना ली। इस कंपनी का शेयर ट्रेडिंग मार्केट में एम सी एक्स, एनसीडीएक्स, बीएसई, एनएसई, एमएसई स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्ट्रेशन कराया। 2016 में एनी मार्केटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड बनाकर पतंजलि स्टोर से जोड़ दिया था।