सुल्तानपुर। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी की नजर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र का जिला अमेठी अब भी अस्तित्व में नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकारें अपनी-अपनी योजनाएं अमेठी जनपद के नाम से लागू कर रहीं है लेकिन उच्च शिक्षा का जिम्मा संभाले अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के कार्य क्षेत्र में अमेठी अभी सुल्तानपुर जनपद का हिस्सा ही है। यह कोई और नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड ही बता रहे हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी को सूबे का 72वां जिला बने पांच साल का समय बीत गया है। सुल्तानपुर से गौरीगंज, अमेठी और मुसाफिरखाना तहसील और रायबरेली से सलोन और तिलोई तहसील काटकर अमेठी को नया जिला बनाया गया है। पांच साल के दौरान अमेठी में सभी सरकारी कार्यालय खुल गए और सारे विभागीय कार्य भी अमेठी जिले के नाम से होने लगे। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से अमेठी जिले के नाम से बजट भी आवंटित होता है। देश व प्रदेश के नक्शे में भी अमेठी को जिले का दर्जा मिल गया।
बावजूद इसके डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद अमेठी को अलग जिला नहीं मानता है। विवि प्रशासन अमेठी जिले के महाविद्यालयों को आज भी सुल्तानपुर जिले का ही हिस्सा मानती हैं। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में अमेठी के महाविद्यालय सुल्तानपुर जिले में दर्शाए जा रहे हैं। यहां तक विश्वविद्यालय के स्नातक व परास्नातक कक्षाओं के ऑनलाइन जारी होने वाले रिजल्ट में भी अमेठी जिलों के कॉलेजों को सुल्तानपुर में ही दिखाया जा रहा है।
अमेठी जिले के आरआरपीजी कॉलेज अमेठी, इंदिरा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय गौरीगंज, आचार्य विनोबाभावे स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रेमनगर छीड़ा, राजीव गांधी महाविद्यालय जगदीशपुर, रानी गनेश कुंवरी महाविद्यालय जामों, रानी सुषमा देवी महाविद्यालय अमेठी, मनीषी महिला महाविद्यालय गौरीगंज जैसे महाविद्यालयों को सुल्तानपुर जिले में दिखाया जा रहा है, जबकि ये सारे महाविद्यालय अमेठी जिले में स्थापित हैं।