हवाई पट्टी पर लैंड करता सेना का विमान। संवाद
जयसिंहपुर (सुल्तानपुर)। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की अरवल कीरी करवत एयरस्ट्रिप बुधवार को युद्धाभ्यास के जीवंत मंच में तब्दील हो गई। आसमान में गरजते लड़ाकू विमानों और जमीन पर सधे सैन्य संचालन का नजारा लोगों को रोमांचित कर गया। दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ एयरशो में रोमांच, अनुशासन और तकनीकी कौशल का बेहतरीन संगम साबित हुआ। इसमें शामिल सभी विमान गोरखपुर एयरबेस से पहुंचे थे।
एयरशो की शुरुआत सी-295 परिवहन विमान की लैंडिंग से हुई। इसी विमान से मुख्य अतिथि एयर मार्शल बी मनी कांतन पहुंचे थे, जिन्हें जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह व एसपी चारू निगम ने रिसीव किया। जैसे ही एक-एक कर छह लड़ाकू विमान आसमान में उड़े, पूरा क्षेत्र उनकी गर्जना से गूंज उठा। जगुआर और मिराज ने तेज रफ्तार के साथ लो-फ्लाइंग, तीखे टर्न और सटीक टेकऑफ-लैंडिंग का प्रदर्शन किया। पल भर में दिशा बदलते विमानों की गति और नियंत्रण ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
एम-17 गरुण हेलीकॉप्टर से कमांडोज ने मॉक ड्रिल की। हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे एक-एक कर सात जांबाज नीचे उतरे और पलक झपकते ही जमीन पर मोर्चा संभाल लिया। इसके बाद घेराबंदी, बचाव और जवाबी कार्रवाई का प्रदर्शन किया। कमांडोज की फुर्ती, समन्वय और सटीकता ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। अशोका-1 और अशोका-2 विमानों ने समंवित उड़ान का अद्भुत नमूना पेश किया। इस दौरान तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता की जय’ के जयकारे गूंजते रहे।
मालवाहक विमानों ने अपनी उपयोगिता दिखाते हुए टच एंड गो अभ्यास किया, जिससे आपात परिस्थितियों में तेज तैनाती की क्षमता का प्रदर्शन हुआ। हवाईपट्टी व आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।