सुल्तानपुर। कूटरचित अभिलेखों के सहारे सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने के आरोपी अखिलेश यादव की तरफ से कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी पेश की गई। प्रभारी जिला जज संतोष कुमार ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली में छह दिसंबर 2019 को तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी शिवबहादुर मौर्य ने मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोपी नयन कुमार, अखिलेश कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार, सरोज कुमार भारती, अखिलेश यादव, सोनू कुमार, योगेंद्र कुमार, रामदेव, शिवचरन, धर्मेंद्र कुमार, विनय कुमार तिवारी, अशोक कुमार, प्रशांत शेखर, शैलेंद्र सिंह मुकेश कुमार व भवीना खातून के खिलाफ फर्जी अभिलेख लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने का आरोप लगाया है।
इस मामले में 11 शिक्षकों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जबकि आरोपी अखिलेश यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट व फरारी की उद्घोषणा की कार्रवाई जारी कर दी गई है।
वहीं, अन्य के खिलाफ विवेचना लंबित बताई जा रही है। इस मामले में अदालत ने आरोपी अखिलेश यादव के अपराध को अत्यंत गंभीर मानते हुए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं माना और अर्जी खारिज कर दी।