फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोषागार में लॉक होंगी तदर्थ शिक्षकों की सेवा पत्रावलियां

विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अब शासन ने तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित पत्रावलियों को कोषागार में सील कराने का निर्देश दिया है। ताकि अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाय और इसमें कोई छेड़छाड़ न की जा सके।
विज्ञापन

अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजे गए पत्र में कहा है कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रबंधतंत्र की ओर से अनियमित रूप से अध्यापकों की नियुक्ति कर ली जाती है।
अनियमित रूप से नियुक्त ऐसे शिक्षकों की ओर से पूर्व तिथियों से नियुक्ति दिखाते हुए वेतन भुगतान आदि के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया जाता है तथा सक्षम न्यायालय में वाद भी योजित किया जाता है। अनियमित रूप से नियुक्त ऐसे शिक्षकों को लाभ पहुंचाने की नीयत से शिक्षकों की नियुक्ति पत्रावली तथा कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है। इसलिए उक्त अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है, ताकि इसमें कोई छेड़छाड़ न हो सके।
विज्ञापन

शासन ने वर्ष 2000 से 2019 तक सभी अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों नियुक्ति/सेवा संबंधी पत्रावलियों को सीलबंद कराकर ट्रेजरी में जमा कराने का निर्देश दिया है। इसमें विद्यालय में उपलब्ध सेवा संबंधी पत्रावली, विद्यालय का डिस्पैच रजिस्टर, डीआईओएस कार्यालय में उपलब्ध सेवा संबंधी पत्रावली व डिस्पैच रजिस्टर जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
जिले में वर्तमान समय में 58 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में 204 तदर्थ शिक्षक नियुक्त हैं। तदर्थ शिक्षकों को न्यायालय के आदेश पर कोषागार से वेतन भी मिल रहा है। साथ ही लगभग 100 की तादाद में शिक्षक ऐसे हैं, जो तदर्थ शिक्षक के रूप में काम तो कर रहे हैं, पर उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें