लंभुआ (सुल्तानपुर)। प्रतापगढ़ जिले की सीमा पर मौजूद तातोमुरैनी गांव में 20 दिन के भीतर 38 लोगों की अस्वाभाविक मौत की खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को प्रशासन हरकत में आ गया।
एसडीएम लंभुआ और सीएमओ गांव पहुंचे और लोगों को जागरूक किया। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक विद्यालय पर मौजूद मेडिकल टीम ने गांव के 30 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। इसके साथ ही 19 संदिग्ध लोगों की जांच की गई।
20 दिन के भीतर तातोमुरैनी व मलाक दोष पट्टी गांवों में 38 लोगों की अस्वाभाविक मौतों की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। शनिवार की सुबह निगरानी समिति की आठ आशा बहुएं, छह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ ही लेखपाल भी गांव पहुंच गए।
मेडिकल टीम के कुछ देर में पहुंचने की सूचना पूरे गांव में दी गई। करीब साढ़े 11 बजे पीएचसी गारवपुर के चिकित्सक डॉ. एके वर्मा की अगुवाई में मेडिकल टीम प्राथमिक विद्यालय पहुंची।
टीम में दो महिला कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, एक लैब टेक्नीशियन पीयूष मिश्र के अलावा तीन कर्मचारी थे। टीम के पास 100 लोगों के लिए वैक्सीन व 150 लोगों की जांच लिए किट मौजूद थी। एसडीएम राम अवतार भी दिन में करीब साढ़े 12 बजे मेडिकल टीम के पास पहुंचे।
इस दौरान निगरानी समिति से जुड़े सदस्यों ने गांव में घर-घर पहुंच कर इसकी जानकारी दी। इसके बावजूद काफी कम संख्या में लोग यहां पहुंचे। हालात का जायजा लेने सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी भी पहुंचे।
उन्होंने मेडिकल टीम के जानकारी ली। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश गुप्ता ने बताया कि 30 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई, जबकि 19 लोग ही जांच के लिए पहुंचे। आबादी के लिहाज से यह संख्या बेहद कम रही।