अपहरण के आरोपी को नाबालिग घोषित करने के किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को जिला जज ने रद्द कर दिया है। जिला जज ने यह आदेश पीड़िता के पिता की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। मामला अमेठी जिले के पीपरपुर थाने से जुड़ा है।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी का 18 सितंबर 2015 को अपहरण कर लिया गया था। मामले में पुलिस ने गांव के ही आरोपी के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। किशोर न्याय बोर्ड ने 20 अक्तूबर 2015 को आरोपी को गवाहों का बयान व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद नाबालिग घोषित कर दिया था। किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को पीड़िता के पिता ने जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल कर चुनौती दी थी।
पीड़िता के अधिवक्ता अशोक सिंह ने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड ने उनकी ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को नजरअंदाज कर आरोपी को नाबालिग घोषित कर दिया था। जिला जज डॉ. नरेश कुमार बहल ने दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद किशोर न्याय बोर्ड के आरोपी को नाबालिग घोषित करने के आदेश को रद्द कर दिया है। प्रकरण में 14 जनवरी को किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई होगी।