राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत के अब माध्यमिक विद्यालयों में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का (सीडब्ल्यूएसएन) के तहत कक्षा नौ में प्रवेश कराया जाएगा। इन बच्चों को इंटरमीडिएट तक की निशुल्क शिक्षा देने की योजना है। इसके लिए शासन से प्रति छात्र तीन हजार रुपये बजट का आवंटन किया गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के समेकित शिक्षा कार्यक्रम के तहत विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को कक्षा आठ तक की पढ़ाई कराई जाती है। इसके बाद ये बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे थे। ऐसे में इन बच्चों को पढ़ाने के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत इंटीग्रेटेड एजूकेशन फॉर डिसेबल सेकेंडरी स्टेज (आईईडीएसएस) योजना चालू की गई है।
चाइल्ड विथ सपोर्ट नीड (सीडब्ल्यूएसएन) के तहत कक्षा आठ पास होने वाले बच्चों का माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ में प्रवेश लिया जाएगा। इसके लिए शासन से आदेश मिलते ही डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिया है।
राकेश सिंह को मिली योजना की जिम्मेदारी
आरएमएसए के जिला परियोजना कार्यालय के जिला समंवयक राकेश सिंह को योजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को संबंधित ब्लॉक के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। 20 जुलाई तक नामांकन कराते हुए सूचना मांगी गई है।
प्रति छात्र तीन हजार रुपया होगा खर्च
डीसी राकेश सिंह ने बताया कि बताया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जानी है। शासन ने प्रति छात्र तीन हजार रुपये खर्च करने का बजट निर्धारित किया है। धनराशि बुक्स व स्टेशनरी, यूनिफॉर्म आदि पर खर्च की जाएगी। छात्राओं पर 200 रुपये प्रति माह (11 माह के लिए) अलग से खर्च किया जाएगा।
15 तक खुलवाएं बच्चों का खाता
डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत 14 से 18 आयु वर्ग के बच्चों के प्रवेश के लिए आदेशित किया गया है। संबंधित प्रिसिंपल को निर्देशित किया गया है कि 15 जुलाई तक विशेष बच्चों का नामांकन कराते हुए उनके बैंक खाते खुलवाए जाएं। शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति की धनराशि उनके खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के संचालन के लिए बेसिक शिक्षा महकमा पूरा सहयोग कर रहा है।
ये है विशेष बच्चे
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की श्रेणी में ब्लाइंड, लो विजन, लेप्रोसी, हियरिंग, ऑटिज्म, सेरेब्रल पल्सी, स्पीच, लर्निंग वाले आते हैं। ऐसे बच्चों को चिंहिंत करके शिक्षित करने का अभियान केंद्र सरकार ने शुरू किया है।