सुल्तानपुर। 356.65 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में साइबर पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फ्रीज किए गए 11 बैंक और क्रिप्टोकरेंसी खातों में शामिल एक ही म्यूल अकाउंट से 239 लोगों को शिकार बनाया गया। अभी तक इस खाते से करीब 1000 से अधिक संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है। साइबर पुलिस के मुताबिक, फ्रीज किए खातों में दो म्यूल बैंक अकाउंट और नौ क्रिप्टोकरेंसी अकाउंट शामिल हैं।
सर्वाधिक शिकायत जिस म्यूल अकाउंट के खिलाफ दर्ज हुई हैं, वह देश के अलग-अलग राज्यों के पीड़ितों से जुड़ा पाया गया है। शेयर ट्रेडिंग कंपनी के फर्जी क्लोन एप के जरिये 356.65 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को साइबर पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
इसमें असम के कामरूप जिले के हाजो निवासी हनीफ काजी, शमसुद्दीन, बारपेटा निवासी शफीकुल इस्लाम, हावली थाना क्षेत्र के कोटलीजार निवासी जाकिर खान, मुंबई के भिवंडी निवासी संतोष सुर्वे, नवी मुंबई के घंसोली निवासी विजय ईश्वर कलांतरे और पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर निवासी फरीद मलिक शामिल हैं।
यह कार्रवाई चांदा क्षेत्र के शफीपुर निवासी भास्कर पांडेय की शिकायत पर की गई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके बैंक खातों का इस्तेमाल केवल लेन-देन के लिए किया जाता था, इसके बदले में उन्हें कमीशन मिलता था। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि सर्वाधिक शिकायतों वाले म्यूल अकाउंट की गहन जांच की जा रही है। इस खाते से जुड़े मामलों में देश के कई राज्यों की पुलिस से जुटाकर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है।