सुल्तानपुर। 24 फरवरी से शुरू होने जा रही यूपी बोर्ड परीक्षा में दिन-ब-दिन तैयारियां तेज होती जा रही हैं। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए पहली बार थानाध्यक्षाें को स्ट्रांग रूम की एक चाभी रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। स्ट्रांग रूम में हर आने-जाने वाले की लॉग बुक में इंट्री होगी, और परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्र को लॉक करने के साथ लॉग बुक रखने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
जीआईसी के स्ट्रांग रूम में रखे गए प्रश्नपत्रों के शील्ड कार्टून बॉक्सों व बंडल स्लिप को भेजने का काम पूरा हो गया। शनिवार को सदर, लंभुआ और जयसिंहपुर तहसीलों के केंद्रों पर भेज दिया गया। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। परीक्षा प्रभारी जितेंद्र दुबे ने बताया कि थानाध्यक्ष या उनके द्वारा नामित दरोगा परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्र पर पहुंचेंगे और जोनल व स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में इंट्री कराएंगे।
स्ट्रांग रूम में रखी गई चार डबल लॉक आलमारी
बोर्ड परीक्षा में पहली बार चार अलमारी रखी गई हैं। पहली अलमारी में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट का प्रथम पाली का प्रश्न पत्र, दूसरी अलमारी में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट द्वितीय पाली के प्रश्नपत्र रखे जाएंगे। तीसरी अलमारी में पेपर बांटने के बाद बचे हुए प्रश्न पत्र और चौथी अलमारी में ऐसे प्रश्न पत्र होंगे, जोकि अलग से रखे जाएंगे। यह प्रश्न पत्र तभी खोले जाएंगे जब पेपर आउट हो जाए या गलती से कोई पेपर खुल जाएगा। इन अलमारियों की एक चाभी थाना अध्यक्ष के पास, एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और एक केंद्र व्यवस्थापकों के पास होगी। परीक्षा केंद्रों के जिम्मेदार को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित के अतिरिक्त कोई भी कर्मी स्ट्रांग रूम बनाए गए कक्ष में प्रवेश नहीं करेगा।
गाइड लाइन पूरी तरह से लागू
जिला विद्यालय निरीक्षक रविशंकर ने बताया कि चार आलमारी की व्यवस्था पहली बार लागू की गई है। एसपी समेत जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी गई है। बोर्ड के गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू कराया जाएगा।