फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीताकुंड घाट पर आज उमड़ेगा आस्था का सैलाब

विज्ञापन
विज्ञापन
सीताकुंड घाट पर आज उमड़ेगा आस्था का सैलाब
विज्ञापन

व्रती महिलाओं ने पूरी की डाला छठ की तैयारियां
सीताकुंड घाट पर पिंडों के रंग-रोगन का कार्य संपन्न
आज से दो दिन तक घाट पर चलेगा पूजा पाठ
फोटो संख्या-17/18/19/20
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। सूर्य उपासना के महापर्व डाला छठ को लेकर आदि गंगा गोमती का सीताकुंड घाट बुधवार को सजकर तैयार हो गया। व्रती महिलाओं ने डाला छठ की तैयारियां पूरी कर ली हैं। यहां बृहस्पतिवार से दो दिनों तक पूजा-पाठ की धूम रहेगी। चार दिवसीय पर्व के दूसरे दिन बुधवार को खरना (छोटी छठ) मनाई गई। सीताकुंड घाट पर पिंडों के रंग-रोगन का कार्य भी पूरा हो गया है।
पति की दीर्घायु और संतान सुख की कामना का पर्व डाला छठ के दूसरे दिन बुधवार को लोगों ने घरों में विशेष पूजा पाठ कर खरना (छोटी छठ) मनाई। बृहस्पतिवार से दो दिनों तक सीताकुंड घाट पर त्योहार को लेकर रौनक रहेगी। बुधवार को घाट पर जरूरी तैयारियां मुकम्मल की गईं। पर्व में 36 घंटे तक निर्जला व्रत रख महिलाएं विधि विधान से सूर्य भगवान की आराधना करती हैं। स्वर्णकार समाज के लोगों ने घाट के पास अपने-अपने पिंड बना रखे हैं। दो दिनों से लोग पिंडों की साफ-सफाई व मरम्मत कर उसका रंग-रोगन कर रहे हैं। बुधवार शाम तक सीताकुंड घाट पर पिंडों के रंग-रोगन का कार्य भी लोगों ने पूरा कर लिया। समाज के लोग रात भर पर्व की तैयारियां करेंगे। बुधवार को पालिका प्रशासन की ओर से सीताकुंड घाट व परिसर की विधिवत साफ-सफाई कराई गई। नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी दुर्गेश्वर तिवारी ने बताया कि पर्व की तैयारियों को लेकर सारी व्यवस्था कर ली गई है। घाट का समतलीकरण व बालू की बोरियां रखकर ठीक कराया गया है। आदि गंगा गोमती नदी में बैरिकेडिंग, पर्याप्त लाइट, पानी के टैंकर आदि की व्यवस्था की गई है। बताया कि पूजा तैयारियों का जायजा वे खुद ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को सीताकुंड घाट पर महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पहुंचेंगी। विशेष पूजा पाठ का सिलसिला घाट पर अगले दिन शुक्रवार को सूर्योदय तक चलेगा। स्वर्णकार व सोनी समाज के लोगों का पूजा पाठ का कार्यक्रम देखने के लिए सीताकुंड घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ता है। हर धर्म के लोग इसमें शामिल होते हैं।
विज्ञापन

बॉक्स
महिलाओं ने की डाला छठ पूजन की खरीदारी
संतान संबंधी समस्या के समाधन के लिए सूर्य की उपासना करना श्रेष्ठ माना गया है। छठ की पूजा में विधि-विधान को महत्व दिया गया है। पूजन सामग्री के बिना छठ पूजा अधूरा माना गया है। बुधवार को छठ पूजन के लिए महिलाओं ने बाजार से सूप, बांस से बनी डलिया, पानी वाला नारियल, गन्ना, सुथनी, शकरकंद, हल्दी, अदरक, नींबू, शहद, पान-सुपारी, सिंदूर, कपूर आदि सामानों की खरीदारी की।
विज्ञापन

बॉक्स
सीताकुंड घाट पर नहीं बना चेंजरूम
स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष गोपालजी सोनी ने बताया कि बृहस्पतिवार से दो दिन सीताकुंड घाट पर महिलाएं छठ पूजा करेंगी। नगर पालिका प्रशासन की ओर से पेयजल, टेंट, स्नान गृह, अस्थाई चेंजरूम आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। घाट पर पूजन-अर्चन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार छठ व्रती महिलाओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें