आर्थिक तंगी से परेशान
फेरी वाले ने लगाई फांसी
क्रासर
मोहल्ले वालों ने की अंतिम संस्कार की व्यवस्था
50 हजार रुपये था बिजली के बिल का बकाया
पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी लगातार बना रहे थे दबाव
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अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। सब्जी का ठेला लगाकर खुद और पत्नी का पेट पाल रहे अधेड़ ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी का मामला सामने आया है। उसकी पत्नी पर विद्युत कनेक्शन का करीब 50 हजार रुपये बकाया हो गया था। पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारी विद्युत बिल का बकाया भुगतान के लिए उस पर दबाव बना रहे थे। इससे वह काफी परेशान था। 24 घंटे से घर में खाना भी नहीं बना था।
कोतवाली नगर क्षेत्र के करौंदिया मोहल्ला निवासी खेतई सोनकर के तीन बेटे थे। इनमें सबसे बड़ा रामचंदर है। वह रंगाई-पुताई का काम करता है जबकि राम लखन उर्फ ननकऊ (45) ठेले पर बेचता था। छोटा बेटा राजू बीमार है। तीनों भाई एक ही मकान में अलग-अलग रहते हैं। रामलखन उर्फ ननकऊ अपनी पत्नी माया व बेटी कोमल (6) के साथ रहता था। राम लखन ने पत्नी माया देवी के नाम से घर में एक किलोवाट का बिजली का कनेक्शन लिया था। मौजूदा समय में बिजली का करीब 50 हजार रुपये बकाया हो गया था। इससे राम लखन काफी परेशान रहता था। शुक्रवार की सुबह राम लखन ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोगों के साथ ही राम लखन के भाई व भाभी भी पहुंच गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। सूचना के बाद भी देर शाम तक एक भी प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित के घर नहीं पहुंचा था।
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घर में खाली थे अनाज के डिब्बे
सुल्तानपुर। शुक्रवार को जब मीडिया कर्मी ननकऊ के घर पहुंचे तो अनाज रखने वाला डिब्बा पूरी तरह खाली था। पास में 10 किलोग्राम की एक बोरी में गेहूं रखा था। चूल्हे में न राख थी और न ही लकड़ी। इससे यह लग रहा था कि 24 घंटे से घर में खाना नहीं बना था।
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एक बेटी की 10 वर्ष पहले हुई मौत
सुल्तानपुर। माया देवी ने बताया कि उसके पहले एक बेटी थी। करीब 10 वर्ष पूर्व उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसने एक रिश्तेदार की बेटी को गोद लिया था जिसका पालन-पोषण राम लखन और माया देवी कर रहे हैं।
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वसूली होगी ही: अनूप चंद्रा
सुल्तानपुर। इस बाबत विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता अनूप चंद्रा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। बकाया रहने पर वसूली की ही जाती है।
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पड़ताल के बाद ही पता चलेगा: डीएम
जिलाधिकारी हरेंद्रवीर सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। घटना की पड़ताल कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।