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बहुमत के अभाव में नहीं पास हो सका 60.71 करोड़ का बजट

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सुल्तानपुर। नगर पालिका बोर्ड की नए वित्तीय वर्ष की पहली बैठक नामित मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर की मौजूदगी में बुधवार को हंगामेदार रही। पालिकाध्यक्ष ने सभी सभासदों व सदस्यों की मौजूदगी में 60.71 करोड़ का बजट पेश किया, जो बहुमत के अभाव में पास नहीं हो सका। बजट के पक्ष में 10 और विरोध में 16 सभासद रहे।
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हंगामे के दौरान पालिकाध्यक्ष व ईओ बोर्ड की बैठक के बीच में ही सदन से बाहर चले गए। पालिकाध्यक्ष व ईओ के जाने के बाद सभासद नगर पालिका में धरने पर बैठ गए। सभासदों ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्ञापन देने के बाद धरना समाप्त किया।
बुधवार को डीएम की ओर से नामित मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल की मौजूदगी में नगर पालिका बोर्ड की बैठक शुरू हुई। बोर्ड की बैठक को लेकर नगर पालिका परिषद के बाहर पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा रहा। किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में घुसने नहीं दिया गया।
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बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल ने नए वित्तीय वर्ष के लिए 60 करोड़ 71 लाख 13 हजार रूपये का बजट पेश किया। इस पर सभासदों ने शहर की बुनियादी समस्याओं पर बहस छेड़ दी। सभासदों ने कहा कि बोर्ड की बैठक में शहर की मूलभूत समस्याओं के निराकरण पर भी विचार-विमर्श होना चाहिए। इस बीच दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
हंगामा होने के दौरान एजेंडे में शामिल होने वाले कई प्रस्तावों पर चर्चा ही नहीं हो सकी। हंगामे के बोर्ड की बैठक के बीच में ही पालिकाध्यक्ष बबिता जायसवाल, ईओ रविंद्र कुमार सदन से बाहर चले गए। इस पर सभासद उग्र हो गए।
ईओ व चैयरमैन के रवैये से नाराज 16 सभासद पालिका परिसर में धरने पर बैठ गए। धरने की सूचना पर एडीएम वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। सभासदों ने एडीएम को ज्ञापन दिया। नगर पालिकाध्यक्ष बबिता जायसवाल के प्रतिनिधि/ पति अजय जायसवाल ने बताया कि पेश किए गए बजट के पक्ष में सिर्फ 10 सभासद थे जबकि 16 सभासदों ने इसका विरोध किया।
बजट के पक्ष में सभासदों का बहुमत नहीं बन सका। इस वजह से बजट नहीं पास हो सका। नए बजट के लिए फिर से बैठक बुलाई जाएगी। बोर्ड की बैठक में विधायक सूर्यभान सिंह, नगर पालिका के अवर अभियंता डीपी मिश्र समेत नगर पालिका के कर्मचारी व सभासद मौजूद रहे। बोर्ड की बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीओ नगर सतीश चंद्र शुक्ल, नगर कोतवाल समेत बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक बुधवार को 16 महीने बाद हुई। पिछले वर्ष 23 फरवरी को नगर पालिका बोर्ड की बैठक हुई थी। उस बैठक में 34 करोड़ 74 लाख का बजट पास किया गया था। सभासदों का आरोप है कि पिछले वर्ष की बैठक के दौरान सिर्फ 20 मिनट में ही 34.74 करोड़ का बजट पालिकाध्यक्ष ने मनमाने ढंग से पास कर दिया गया था।
बुधवार की बैठक में यह मसला भी उठाया गया। सभासदों का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष व ईओ सदन में जनहित से जुड़े बिंदुओं पर विचार-विमर्श किए बगैर ही चले गए। उनके जाने के बाद धरना शुरू किया गया।
शास्त्रीनगर वार्ड में गुपचुप ढंग से कराए गए कुछ कार्यों का मामला भी बुधवार की बैठक में उठा। इस दौरान सभासदों ने जन सूचना अधिकार के तहत गलत जानकारी देने का आरोप भी लगाया। सभासदों का कहना है कि इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
इस बाबत ईओ रविंद्र कुमार ने बताया कि सभासदों में संशय की स्थिति है। आरटीआई के तहत सभासदों ने बोर्ड फंड से कराए गए कार्यों की जानकारी मांगी थी जो उन्हें दे दी गई है। शास्त्रीनगर में बोर्ड फंड से नहीं बल्कि राज्य वित्त आयोग के मद से कार्य कराया गया है।
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