एसी कोच में कैसे पहुंचा बम?
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज/जगदीशपुर। अकाल तख्त एक्सप्रेस के एसी कोच के टायलेट में बम मिलने की घटना ने रेलवे के सुरक्षा की पोल खोलने के साथ शासन-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बम के साथ मिले इंडियन मुजाहिदीन के पत्र ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। एटीएस के साथ अन्य एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि ट्रेन के एसी कोच में आखिर बम पहुंचा कैसे। इसे किन लोगों ने किस जगह रखा। जांच में सुविधा के लिए एटीएस ने रेलवे से इस बात की जानकारी मांगी है कि ट्रेन हावड़ा से अकबरगंज के बीच कहां-कहां कितनी देर रुकी। इस दौरान सुरक्षा कर्मी कहां थे और ऐसी कोच का दरवाजा कहां-कहां खोला गया।
इनसेट
9:17 बजे वाराणसी से छूटी थी ट्रेन
ट्रेन के गार्ड राजीव भानू ने बताया कि ट्रेन रात में 9:13 बजे वाराणसी पहुंची थी। यहां से ट्रेन 9:17 बजे रवाना हुई। इसके बाद ट्रेन त्रिलोचन महादेव रेलवे स्टेशन के आउटर पर सिग्नल नहीं मिलने से 9:37 बजे से 10:05 बजे तक (कुल 28 मिनट) और इसी रेलवे स्टेशन पर 10:11 बजे से 10:25 बजे तक (14 मिनट) बजे तक रुकी रही, जबकि यहां स्टापेज नहीं था। यहां से रवाना होने के बाद ट्रेन रात 12:15 बजे सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। दो मिनट रुकने के बाद ट्रेन यहां से 12:17 बजे आगे बढ़ी। एसी बी-3 कोच के अटेंडेंट प्रदीप जॉन की मानें तो सुल्तानपुर में न तो इस कोच से कोई उतरा न ही चढ़ा, इसलिए यहां गेट खोला ही नहीं गया था। त्रिलोचन महादेव रेलवे स्टेशन के आउटर व स्टेशन पर कोच का गेट खोला गया था या नहीं इसके बारे में वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।