सुल्तानपुर। जिले की सदर तहसील के हलियापुर क्षेत्र के 29 गांव बल्दीराय तहसील में शामिल हो गए। इन राजस्व गांवों के बल्दीराय तहसील में शामिल होने से करीब 70 हजार आबादी को फायदा मिलेगा।
ग्रामीणों की तहसील की दूरी कम हो गई। दोपहर बाद कैबिनेट के मंजूरी की जानकारी मिलते ही संबंधित गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से यह मांग करते आ रहे हैं।
दशक भर पहले जिले का बंटवारा होने के बाद विधानसभा चुनाव के हुए परिसीमन में ये गांव अमेठी जनपद के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में चले गए। तब से इन 29 राजस्व गांवों को अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना तहसील में शामिल करने को लेकर कुछ मांग उठी थी।
माननीयों की पैरवी के बाद राजस्व परिषद ने इसके औचित्य की जांच कराई थी। राजस्व परिषद के साथ शासन ने भी रिपोर्ट सुल्तानपुर व अमेठी जिला प्रशासन से मांगी थी। अधिकारियों की रिपोर्ट में इन गांवों को अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना तहसील में शामिल करने का कोई औचित्य नहीं पाया गया था। राजस्व परिषद ने इसकी रिपोर्ट कैबिनेट को भेज दी थी।
अभी तक ये राजस्व गांव जिले की सदर तहसील में थे। 10 जून वर्ष 2016 में बल्दीराय नई तहसील बनने के बाद इन गांवों के लोग नई तहसील में गांव को शामिल करने की मांग करने लगे।
विभिन्न माध्यमों से स्थानीय लोगों ने शासन व प्रशासन को मांग पत्र भी सौंपा था। इसमें ग्रामीणों ने सुविधा के लिहाज से तहसील की दूरी का हवाला दिया था। शासन ने इस पर विचार के बाद ग्रामीणों की मांग को जायज पाते हुए प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा था।
बल्दीराय तहसील में शामिल किए गए हलियापुर क्षेत्र के 29 गांवों से सदर तहसील की दूरी करीब 50 किमी थी। ग्रामीणों को तहसील तक आने-जाने में दिन भर का समय नष्ट होता था।
यातायात संबंधी साधन की व्यवस्था भी मार्ग पर अच्छी नहीं होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी थीं। बल्दीराय तहसील में शामिल होने से ग्रामीणों की दिक्कतें दूर हो गईं।