तीन जोन में बांटे गए
जिले के परिषदीय स्कूल
क्रासर-
जोन के हिसाब से एकत्र किया जा रहा डाटा
एनआईसी की वेबसाइट पर आज होगी फीडिंग
स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। प्रदेश की योगी सरकार ने बीते दिनों परिषदीय स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों की सुविधा के लिए स्थानांतरण की नई पॉलिसी को मंजूरी दी थी। सरकार की ओर से जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी गई नई स्थानांतरण नीति में बीएसए को कई दिशा निर्देश दिए गए थे। इन्हीं दिशा निर्देशों के तहत जिले के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को तीन जोन में बांटना था। शासनादेश मिलने के बाद बीएसए राजकुमार पंडित ने सभी बीईओ को पत्र जारी कर इस बाबत सूचना मांगी थी। सूत्रों की मानें तो बीएसए की ओर से मांगी गई सभी सूचना बीईओ की ओर से उपलब्ध भी कराई जा चुकी है। प्राप्त सूचना के आधार पर जोन-1 में उन विद्यालयों को जगह मिली है जिनकी जिला मुख्यालय से दूरी आठ किलोमीटर या इससे कम है। जोन-2 में वे विद्यालय हैं जिनकी दूरी तहसील मुख्यालयों से दो किलोमीटर या इसके भीतर है। शेष विद्यालयों को जोन-3 में रखा गया है। यानी जोन-1 व जोन-2 में शामिल विद्यालय शहरी क्षेत्र के माने जाएंगे जबकि जोन-3 के विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के। कौन सा विद्यालय किस जोन में है इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी बृहस्पतिवार को एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगी।
इनसेट
पांच स्कूलों का देना होगा विकल्प
बीएसए राजकुमार पंडित ने बताया कि जो शिक्षक जिले के भीतर ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में जाना चाहते हैं उन्हें पांच विद्यालयों का विकल्प भरना होगा। विकल्प में दिए गए विद्यालयों में से एक में (जहां छात्र-शिक्षक अनुपात में शिक्षकों की आवश्यकता होगी) उनका स्थानांतरण किया जाएगा।