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अंडमान निकोबार में महराजपुर के जवान की मौत

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अंडमान में महराजपुर
के जवान ने दम तोड़ा
क्रासर
21 अक्तूबर की रात आर्मी हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस
देर रात लाया जाएगा पार्थिव शरीर, अंतिम संस्कार आज
फोटो संख्या-12,13,14
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। भारतीय सेना में तैनात एक जवान की अंडमान निकोबार में 21 अक्तूबर की रात मौत हो गई। सोमवार की देर रात पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा और मंगलवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। परिवारीजनों ने जवान की मौत की वजह बीमारी बताया।
अमेठी कोतवाली क्षेत्र के महराजपुर गांव निवासी रिटायर्ड फौजी शेर बहादुर सिंह के परिवार में तीन बेटे हैं। बड़े पुत्र अशोक कुमार सिंह किसान है, जबकि दो बेटे भारतीय थल सेना में थे। संतोष सिंह सेना में 1997 में भर्ती हुए थे जबकि छोटा बेटा विनोद सिंह सेना में नायक के पद पर तैनात है। संतोष सिंह की मौजूदा तैनाती अंडमान निकोबार में थी। वे सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे। पिछले 19 अक्तूबर की सुबह अचानक ड्यूटी के दौरान ही संतोष सिंह की तबीयत बिगड़ गई। सेना के अधिकारियों ने संतोष को आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। संतोष की हालत ज्यादा खराब होने पर उनके पिता शेर बहादुर सिंह को इसकी सूचना दी गई। सूचना पाते ही शेर बहादुर अंडमान निकोबार पहुंचे, जहां 21 अक्तूबर की रात करीब आठ बजे संतोष सिंह की मौत हो गई। संतोष सिंह की मौत की सूचना महराजपुर गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। संतोष सिंह के बड़े भाई अशोक सिंह ने बताया कि उनके भाई की मौत बीमारी से हुई है।
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लखनऊ में रहता हैं संतोष का परिवार
अमेठी। महराजपुर गांव निवासी हवलदार संतोष सिंह के परिवार में पत्नी सुमन सिंह, बेटी रिया (16), रीमा (12) और सबसे छोटी बेटी जया सिंह (8) शामिल हैं। बेटियों को अच्छी तालीम मिले, इसके लिए संतोष सिंह ने लखनऊ में एक भूखंड खरीदकर मकान बनवाया था। संतोष सिंह की पत्नी और बेटियां लखनऊ में ही रहती हैं। पत्नी और बेटियां लखनऊ से पार्थिव शरीर के साथ ही गांव पहुंचेंगी।
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