सुल्तानपुर। शासन के निर्देश पर पंचायतराज विभाग ने 756 सामुदायिक प्रसाधनों के रख-रखाव के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को दो करोड़ चार लाख का भुगतान किया है। 756 स्वयं सहायता समूहों को भुगतान से पंचायतराज विभाग को प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। भुगतान के बाद से प्रसाधनों के रख-रखाव की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों के पास पहुंच गई है।
पंचायतराज विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में सामुदायिक प्रसाधनों का निर्माण कराया है। शासन के निर्देश पर पंचायतराज विभाग ने सामुदायिक प्रसाधनों के रख-रखाव की जिम्मेदारी क्षेत्र की महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी थी लेकिन अभी तक उन्हें भुगतान नहीं किया गया था।
शासन ने रख-रखाव करने वाले स्वयं सहायता समूहों को नौ हजार प्रतिमाह की दर से तीन माह के अग्रिम भुगतान का निर्देश दिया था। इसके लिए तिथि का निर्धारण कर दिया था। निर्देश पर पंचायतराज विभाग ने आननफानन 756 ग्राम पंचायतों के सामुदायिक प्रसाधनों के रख-रखाव के लिए 756 महिला स्वयं सहायता समूहों को भुगतान का निर्देश दिया था।
डीपीआरओ आरके भारती के निर्देश पर बुधवार शाम तक 756 ग्राम पंचायतों के सामुदायिक प्रसाधनों के रख-रखाव के लिए 756 महिला स्वयं सहायता समूहों को नौ हजार प्रतिमाह की दर से तीन माह का अग्रिम का भुगतान कर दिया गया।
प्रत्येक ग्राम पंचायत से 27 हजार का भुगतान स्वयं सहायता समूहों को किया गया है। इस तरह 756 महिला समूहों को करीब दो करोड़ चार लाख 12 हजार का भुगतान करके विभाग ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती ने बताया कि शासन के निर्देश पर 756 ग्राम पंचायतों से महिला स्वयं सहायता समूहों को तीन माह का अग्रिम भुगतान करा दिया गया है। भुगतान के मामले में शासन की रैंकिंग में जिले को चौथा स्थान मिला है।