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1500 के थर्मल स्कैनर की 6900 में हुई ग्राम पंचायतों में आपूर्ति

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सुल्तानपुर। जिले में कोरोना नियंत्रण के लिए अधिकांश ग्राम पंचायतों में कोरोना किट की आपूर्ति बाजार से चार गुना अधिक दामों पर की गई। आमतौर पर बाजार में मिलने वाले 1500 रुपये के थर्मल स्कैनर का 6900 रुपये व एक हजार के पल्स ऑक्सीमीटर का बिल 2600 रुपये दिया गया।
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साढ़े चार सौ रुपये में पांच लीटर का सैनिटाइजर का बिल भी दिया गया। शासन से रेट जारी होने के पहले ही 304 ग्राम पंचायतों ने कोरोना किट का भुगतान भी कर दिया है।
शासन ने कोरोना संक्रमण की शुरुआत होने पर जिला प्रशासन को महामारी पर नियंत्रण के लिए ग्राम पंचायतों व नगर पंचायतों से कोरोना किट की खरीदारी करवाने का आदेश दिया था। जिले में शासन का आदेश पहुंचने के बाद कुछ फर्म ने सांठगांठ करके ग्राम पंचायतों में बाजार से कई गुना महंगी दर पर कोरोना किट की आपूर्ति कर दी।
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कोरोना किट में एक इंफ्रारेड थर्मल स्कैनर, एक पल्स ऑक्सीमीटर व एक पांच लीटर का सैनिटाइजर दिया गया। इसमें लखनऊ की एक फर्म ने अधिकांश ग्राम पंचायतों में किट की आपूर्ति कर दी। फर्म ने मौजूदा समय में बाजार में मिलने वाले 1500 रुपये के इंफ्रारेड थर्मल स्कैनर का बिल ग्राम पंचायतों को 6900 रुपये व एक हजार रुपये में मिलने वाले पल्स ऑक्सीमीटर का बिल 2600 रुपये का दिया।
इसी तरह पांच लीटर के सैनिटाइजर का बिल 450 रुपये दिया गया। फर्म ने अधिकांश ग्राम पंचायतों में तीनों सामानों का कुल बिल 9950 रुपये दिया, जबकि शासन ने कोरोना किट का रेट 24 जुलाई को 2800 रुपये निर्धारित करते हुए इससे अधिक मूल्य का भुगतान नहीं करने का आदेश जारी किया था।
भाजपा विधायक लंभुआ देवमणि द्विवेदी की ओर से मुख्यमंत्री से शिकायत पर मामला गरमाने के बाद पिछले दिनों डीएम सी. इंदुमती ने प्रकरण की जानकारी दी थी। जिलाधिकारी के मुताबिक शासनादेश जारी होने के पहले ही 986 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 304 ग्राम पंचायतों ने कोरोना किट का भुगतान भी कर दिया है। शासनादेश की जानकारी के बाद उन्होंने भुगतान पर रोक लगा दी। अभी 682 ग्राम पंचायतों ने भुगतान नहीं किया है।
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