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अमेठी में मेडिकल कॉलेज बनने का रास्ता साफ

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गौरीगंज। अमेठी में राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने का रास्ता साफ हो गया है। शासन के निर्देश पर भूमि तलाश में जुटे जिला व तहसील प्रशासन ने गौरीगंज तहसील के गांव रोहसी बुजुर्ग गांव में न सिर्फ भूमि चिह्नित की बल्कि मौके पर हदबंदी कराते हुए 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण भी कर दिया।
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क्षेत्रवासियों को जल्द ही मेडिकल कॉलेज स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं जिले में ही मिलने लगेगी। शासन के निर्देश पर पिछले दिनों प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निशुल्क भूमि मुहैया कराने का आदेश दिया था।
पत्र मिलने के बाद डीएम डॉ. राम मनोहर मिश्र ने इसकी जिम्मेदारी एडीएम वंदिता श्रीवास्तव को सौंपी थी। भूमि तलाश में जुटीं एडीएम ने गौरीगंज तहसील के गांव रोहसी बुजुर्ग में 28 जून को भूमि चिह्नित करते हुए एसडीएम गौरीगंज अमित कुमार को दल-बल के साथ भेजकर हदबंदी भी करा दी थी।
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भूमि की हदबंदी कराने के बाद मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव कराकर अभिलेखीय कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी भी एसडीएम को सौंपी गई थी।
ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव होने के बाद एसडीएम ने उस गांव की 15 एकड़ भूमि के पुनर्ग्रहण के लिए डीएम के समक्ष पत्रावली प्रस्तुत की। एसडीएम की ओर से की गई संस्तुति के आधार पर डीएम ने रोहसी बुजुर्ग गांव में राजकीय मेडिकल कॉलेज की अवस्थापना के लिए भूमि के पुनर्ग्रहण का आदेश जारी कर दिया।
डीएम की ओर से भूमि पुनर्ग्रहण आदेश के आधार पर गांव की खतौनी में भूमि को मेडिकल कॉलेज के नाम दर्ज भी कर दिया गया।
डीएम डॉ. राम मनोहर मिश्र ने बताया कि भूमि का पुनर्ग्रहण होने के बाद अब प्रस्ताव प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनुभाग तीन को भेजा जाएगा। इसके बाद शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दी जाएगी।
शासन की ओर से जिला चिकित्सालय की दस किलोमीटर की परिधि में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए भूमि मांगी गई थी। जिला प्रशासन की ओर से पुनर्ग्रहीत की गई भूमि की जिला अस्पताल से दूरी 7.5 किलोमीटर है।
मेडिकल कॉलेज बनने से रोहसी बुजुर्ग गांव व उसके आसपास बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मुहैया हो सकेगा। निर्माण के समय जहां मजदूरी करने वालों को वर्षों तक एक स्थान पर रोजगार मिलेगा वहीं संचालन शुरू होने पर कई बेरोजगारों को कॉलेज में नौकरी भी मिल सकेगी।
यही नहीं कॉलेज के बाहर मेडिकल स्टोर, चायपान की दुकान, रेस्टोरेंट/होटल, स्टेशनरी की दुकान, फल, कपड़े, धर्मशाला सहित रोजमर्रा की जरूरत के सामानों का व्यवसाय किया जा सकेगा।
जिले में मेडिकल कॉलेज बनने से करीब 20 लाख की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। कॉलेज बनने के बाद जिले वासियों को मेडिकल कॉलेज स्तर के इलाज की सुविधा के लिए 115 किमी दूर इलाहाबाद व 120 किमी दूर लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा।
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जिले में मेडिकल कॉलेज बन जाने से अमेठी के साथ ही रायबरेली, सुलतानपुर व प्रतापगढ़ जिले के सीमावर्ती गांव के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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