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जिले में खुलेगा मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल

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सुल्तानपुर। सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारीजनों और घायल लोगों को अब न्याय के लिए वर्षों तक अदालत का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। अदालतों में लंबित मुकदमों के बोझ से परेशान वादकारियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल खोलने को हरी झंडी दे दी है।
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टिब्यूनल की स्थापना हो जाने पर दीवानी न्यायालय में जिला जज और अन्य अपर जिला जज की कोर्ट में लंबित 1,016 क्लेम पेटीशन के शीघ्र निस्तारण होने की उम्मीद जग गई है।


मौजूदा समय में जिला न्यायालय में विचाराधीन क्षतिपूर्ति याचिका की संख्या 1,016 तक पहुंच गई है। दीवानी न्यायालय में स्थित जिला जज और अन्य अपर जिला जज की अदालत में लंबित क्लेम पेटीशन (क्षतिपूर्ति याचिका) का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका में पारित आदेश में 27 नवंबर 2018 को राज्य सरकार को मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश शासन ने पिछले नौ जनवरी को मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा-165 के तहत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल) का गठन करने को हरी झंडी दे दी थी। शासन के निर्देश पर मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल खोलने के लिए कवायद शुरू हो गई है।


टिब्यूनल के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाने की जिम्मेदारी परिवहन महकमे को सौंपी गई है। टिब्यूनल की स्थापना हो जाने पर अदालतों में लंबित क्लेम पेटीशन के शीघ्र निस्तारित होने की उम्मीद जग गई है। अब वादकारियों को त्वरित न्याय पाने में काफी सहूलियतें मिलेगी। टिब्यूनल में नियुक्त होने वाले पीठासीन अधिकारी को क्लेम पेटीशन की सुनवाई करनी होगी।


एआरटीओ प्रशासन माला वाजपेयी ने बताया कि मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल की स्थापना के लिए स्थान को चिह्नित करने का कार्य शुरू कर दिया है। स्थान मिलने पर मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल का संचालन शुरू कराया जाएगा। एक फरवरी तक ट्रिब्यूनल का गठन कर लिया जाएगा। ट्रिब्यूनल में एक पीठासीन अधिकारी के साथ ही तीन अन्य स्टॉफ होंगे।
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