धनपतगंज। बघौना पुल से जूड़ा पट्टी तक करीब 12 किलोमीटर लंबी शारदा सहायक खंड-16 नहर की पटरी बदहाली और कटान के दोहरे संकट से जूझ रही है। ग्रामीणों के अनुसार इस पूरे रास्ते में करीब 120 गहरे गड्ढे हैं। बारिश के बाद इनमें पानी और कीचड़ भर जाने से करीब 30 हजार लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
हरना के पास नहर की धारा पटरी से महज 10 इंच नीचे पहुंच गई है। जिससे बढ़ई का पुरवा और चौबौली गांव पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण राकेश, गंगोत्री, संतराम और इंद्रपाल के अनुसार, अंदर की ओर लगातार कटान हो रहा है। तेज बारिश या पानी का दबाव बढ़ने पर पटरी टूटने की आशंका है। हरौरा बाजार से चौबौली की ओर जाने वाले रास्ते पर बड़े गड्ढे हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि रात में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। हरौरा नहर पुल के मुहाने पर करीब चार साल से सिल्ट जमा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर्याप्त सफाई नहीं हुई है। सिल्ट के कारण पानी सीमित मुहानों से निकल रहा है, जिससे बहाव का दबाव पटरी की ओर बढ़ रहा है।
आवागमन करना जानलेवा हुआ
ग्रामीण वीरेंद्र चतुर्वेदी, राकेश, गुड्डू पांडेय, चौहरजा और रमेश ने बताया कि दर्जनों गांवों के लोग इस पटरी से रोज आते-जाते हैं। दिन में किसी तरह निकल जाते हैं, पर रात में आवागमन जानलेवा हो जाता है। चकिया के दीपू, गंगासागर और हरौरा के बृजेश, छोटेलाल व दीनदयाल ने बताया कि गड्ढों और कीचड़ के कारण बच्चों ने स्कूल जाना तक छोड़ दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवर अभियंता पवन कुमार और अरविंद को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन गड्ढों में मिट्टी तक नहीं डाली गई।
मरम्मत ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी सिंचाई खंड-16 के अवर अभियंता पवन कुमार ने बताया कि नहर पटरी की मरम्मत विभाग के जिम्मे नहीं है। यह कार्य ग्राम पंचायत कराती है। उन्होंने यह भी बताया कि सिल्ट सफाई के लिए विभाग को दो साल से बजट नहीं मिला है। कटान बढ़ने पर आसपास के गांवों को नुकसान हो सकता है।
रास्ते में गड्ढों से लोग परेशान, बारिश ने आवागमन किया मुश्किल
रास्ते में गड्ढों से लोग परेशान, बारिश ने आवागमन किया मुश्किल
रास्ते में गड्ढों से लोग परेशान, बारिश ने आवागमन किया मुश्किल
रास्ते में गड्ढों से लोग परेशान, बारिश ने आवागमन किया मुश्किल