सप्ताह भर से अंधेरे
में डेढ़ हजार आबादी
क्रासर-
15 निजी नलकूप व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पड़े ठप
गांव का टांसफार्मर जलने से उपजे हालात
अमर उजाला ब्यूरो
अमेठी। सप्ताह भर पूर्व आई आंधी के चलते लूज तारों में स्पॉर्किंग होने से भादर स्थित विद्युत उपकेंद्र के गांव नेवढिय़ा में लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था। ट्रांसफार्मर जलने से तीन पुरवों में रहने वाली करीब 1500 आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है। ट्रांसफार्मर जलने से जहां उपभोक्ताओं के सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े हैं, वहीं किसानों के 15 निजी नलकूप ठप होने से धान की नर्सरी सूख रही है। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद सात दिन बीतने को है लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं लग सका।
सूबे की योगी सरकार का जले विद्युत टांसफार्मर को 24 घंटे में बदले जाने का दावा जिले में हवाई साबित हो रहा है। ऐसा ही एक मामला विकास खंड भादर स्थित विद्युत उपकेंद्र के गांव नेवढिय़ा का सामने आया है। यहां सात दिन बीत चुके हैं फिर भी अभी तक पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों-कर्मचारियों की उदासीनता के चलते ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा सका है। ग्रामीण बबलू पांडेय, कौशल दूबे, राज नारायन, राम कलप, आशीष ने बताया कि 15 जून को आई आंधी के कारण ढीले तारों में स्पार्किंग होने के चलते गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था। इससे नेवढिय़ा, भभुवार, सूर तिवारी का पुरवा के ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर है। विद्युत आपूर्ति नहीं होने के चलते जहां घरों में लगे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े हैं, वहीं 15 निजी नलकूप ठप होने से धान की नर्सरी सूख रही है। ग्रामीणों की आरोप है कि पावर कॉर्पोरेशन की हेल्पलाइन के साथ ही जेई अन्य अधिकारियों से मामले की शिकायत की गई लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा सका।
इनसेट
उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी : एक्सईएन
एक्सईएन हनुमान प्रसाद ने बताया कि जिस ट्रांसफार्मर से नलकूप व ग्रामीण उपभोक्ताओं को दोनों को विद्युत आपूर्ति होती है, उसे उपभोक्ताओं को अपने साधन से ले जाना चाहिए। जला ट्रांसफार्मर उतार लिया गया है। ट्रांसफार्मर की रिपेयरिंग में दो दिन का समय लगता है। जल्द ही ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया जाएगा।