अमहट में जुलूस निकालते लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
अमहट। मुहर्रम की मजलिसों के क्रम में बृहस्पतिवार की रात अमहट स्थित हुसैनिया नौतामीर गोराबारिक में अंजुमन असगरिया ने शब्बेदारी का आयोजन किया। इस दौरान 110 फीट ऊंचा अलम मुख्य आकर्षण रहा, जिसकी जियारत के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नौहाख्वानी और मातम के बाद 18 बनी हाशिम के शबीह ताबूत का जुलूस निकाला गया।
मौलाना डॉ. अबूजर अली ने कर्बला के शहीद हजरत अली असगर की शहादत पर प्रकाश डाला। मजलिस के बाद हजरत अली असगर के शबीह गहवारा का जुलूस भी निकला। अयोध्या और आजमगढ़ सहित विभिन्न अंजुमनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। शुक्रवार सुबह पांच बजे 18 बनी हाशिम के शबीह ताबूत का जुलूस हुसैनिया नौतामीर गोराबारिक से शुरू होकर हुसैनिया शेखानी पर संपन्न हुआ। जुलूस के दौरान मौलाना सैयद शारिब अब्बास और मौलाना सैयद नजर मोहम्मद जैनबी ने तकरीर की। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान ने अलम को अमन और शांति का प्रतीक बताया।