फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर पुस्तिका के अंदर रोल नंबर लिखा तो खैर नहीं

Wed, 09 Jan 2013 10:19 AM IST
मेरठ/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने यूएफएम (अनफेयर मींस) में एक नया नियम जोड़ दिया है। परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिका के अंदर रोल नंबर लिखा तो एक साल के लिए उन्हें अयोग्य कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने बारकोड मूल्यांकन प्रणाली में सेंधमारी की कोशिश को देखते हुए यह निर्णय लिया है। मंगलवार को परीक्षा समिति ने इसे पास कर दिया।
विज्ञापन


गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने दो जनवरी के अंक में ‘सीसीएसयू के मूल्यांकन में सेंधमारी की कोशिश’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। परीक्षा मूल्यांकन में इस तरह के केस सामने आए थे, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिका के अंदर पृष्ठों पर अपना रोल नंबर लिख दिया था। कुछ ने तो निर्दिष्ट जगह रोल नंबर नहीं लिखे, लेकिन अंदर लिख दिया। विश्वविद्यालय ने इस तरह के केसों पर इसलिए कार्रवाई नहीं की, क्योंकि वह यूएफएम की श्रेणी में नहीं आते थे। अब विश्वविद्यालय ने इसे यूएफएम मानने पर मुहर लगा दी है।

कुलपति विक्रम चंद्र गोयल के मुताबिक अंदर के पृष्ठ पर रोल नंबर लिखने पर एक साल के लिए परीक्षा के लिए अयोग्य कर दिया जाएगा। मूल्यांकन बारकोड प्रणाली से होता है। इसमें विद्यार्थी की पहचान गुप्त रहती है। फिलहाल विश्वविद्यालय इस तरह की पुस्तिकाओं में रोल नंबर पर काली चिप्पी लगाकर मूल्यांकन कराता है। यूएफएम का यह नया नियम विश्वविद्यालय की आगामी सेमेस्टर परीक्षा से लागू होगा।
विज्ञापन


यूएफएम की छह श्रेणी
विश्वविद्यालय ने रेग्युलर, प्राइवेट, प्रोफेशनल और बैक परीक्षाओं में यूएफएम केस को दंडित करने के लिए छह श्रेणी तय कर रखी है। इनमें चेतावनी से लेकर अधिकतम तीन साल तक डिबार करने का प्रावधान है। उत्तर पुस्तिका बदलने, उसमें अतिरिक्त पृष्ठ जोड़ने, बाहर से लाने, स्टाफ के साथ बदतमीजी करने और पुस्तिका लेकर भागने पर अधिकतम कार्रवाई पूरी परीक्षा कैंसिल होने के अलावा तीन साल के लिए डिबार किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें