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नोएडा में हड़ताल हिंसक, 24 वाहन फूंके, 12 जख्मी

Thu, 21 Feb 2013 01:05 AM IST
नोएडा/ब्यूरो
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ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन विभिन्न मांगों व फैक्ट्री मालिकों के रवैये को लेकर उत्तर प्रदेश स्थित नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में मजदूरों ने जमकर हिंसक प्रदर्शन किया। इन लोगों ने सैकड़ों फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की। करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियों में आग लगा दी गई।
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प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्रियों व सड़कों पर सौ से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ की और करीब दो दर्जन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। उपद्रव के दौरान पुलिस बल मौके से नदारद दिखा।

बाद में मजदूरों की पुलिस से झड़प हुई और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग से लेकर रबड़ की गोलियां तक दागीं।

इस बीच फायर बिग्रेड की गाड़ी में आग लगा दी गई। आधा दर्जन पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ हुई। इस झड़प में एक दर्जन लोग और आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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सबसे ज्यादा नुकसान फेज टू क्षेत्र में हुआ। घटना के बाद डीएम व एसएसपी ने संयुक्त न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच कमेटी में जिला प्रशासन, श्रम विभाग व पुलिस के अधिकारी शामिल हैं।

पुलिस ने देर शाम तक 40 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। मजदूरों के आक्रोश को देखते हुए पूरे घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए एडीजी एनसीआर, कमिश्नर व डीआईजी मेरठ रेंज ने नोएडा में कैंप किया हुआ है। वहीं, गाजियाबाद, बुलंदशहर व अन्य जिलों से पुलिस बल मंगाया गया है।

सात बजे लगने लगा जमावड़ा
सुबह करीब सात बजे से ही विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी औद्योगिक सेक्टरों में जमा होने लगे थे। सुबह आठ बजे फेज टू क्षेत्र में एनईपीजेड के मुख्य गेट के बाहर मजदूर संगठनों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। कुछ मजदूर उग्र होने लगे और उन्होंने दादरी-भंगेल मार्ग पर पत्थर रखकर जाम लगा दिया।

कुछ मजदूर संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य होजरी कांप्लेक्स क्षेत्र में मार्च निकालने लगे। वहां फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों को काम बंद कर हड़ताल में शामिल होने का दबाव बनाने लगे। इसे लेकर फैक्ट्रियों के मालिक व हड़ताल का दबाव बना रहे मजदूरों में विवाद होने लगा।

फैक्ट्रियों पर पत्थरबाजी
मजदूरों ने एक-एक कर होजरी कांप्लेक्स की सभी फैक्ट्रियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। दंगाइयों की भीड़ मदरसन कंपनी पहुंची, जहां जमकर तांडव किया। कंपनी में घुसकर तीन दर्जन से अधिक कारों में तोड़फोड़ की। कंपनी के अंदर से कंप्यूटर व अन्य सामान लूट ले गए। कंपनी के गार्ड रूम में आग लगा दी।

कंपनी के बाहर खड़ी पांच कारों को भी आग के हवाले कर दिया। इसी बीच होजरी कांप्लेक्स में आईपीपी नाम की कंपनी में भी दर्जन भर युवकों ने तोड़फोड़ की। ऑडी कार समेत आधा दर्जन कारों को आग के हवाले कर दिया।

छह सौ करोड़ का घाटा, स्कूल रहेंगे बंद
देशव्यापी हड़ताल के दौरान नोएडा में हुए उपद्रव में 600 करोड़ रुपये की चपत उद्योगों को लगी है। इसमें अचल संपत्ति के साथ छोटी बड़ी गाड़ियां और उत्पादन लागत शामिल है। बुधवार को हड़ताल के दौरान स्कूल बसों में भी तोड़फोड़ की गई। इसके चलते कई स्कूलों ने बृहस्पतिवार को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।

ट्रेड यूनियन ने की नोएडा हिंसा की निंदा
नोएडा की हिंसा पूरी तरह निंदनीय है। यह जांच का विषय है कि पहले पुलिस ने लाठीचार्ज किया या प्रदर्शनकारियों ने आगजनी। अगर देशभर में प्रदर्शन अहिंसक रहा तो नोएडा की वजह पर प्रशासन को विचार करना चाहिए। साथ ही, इस इकलौती घटना की वजह से सरकार को ट्रेड यूनियन को बदनाम नहीं करना चाहिए।- अमरजीत कौर, महासचिव, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस

हड़ताल पूरी तरह सफल रही लेकिन नोएडा की हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। दिल्ली में कई जगह पर पुलिस की ज्यादती के बावजूद प्रदर्शनकारी हिंसक नहीं हुए। इससे आशंका बनती है कि कहीं प्रदर्शनकारियों के बीच शरारती तत्व तो नहीं घुसे थे। जो भी इसके लिए जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।- कामरेड धीरेंद्र शर्मा, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस
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