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अरब देशों की तरह भारत में बने सख्त कानून: लालू

Fri, 04 Jan 2013 01:32 PM IST
नरहीं (बलिया)/ब्यूरो
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राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि जिस प्रकार अरब देशों में घिनौने कुकृत्य करने वालों को सार्वजनिक स्थान पर जमीन में गाड़कर और सिर पर पत्थर मारकर मृत्यु दंड दिया जाता है, उसी प्रकार का सख्त कानून भारत में भी बनाया जाए।
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हालांकि लालू यादव केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की राय से सहमत नहीं हैं। थरूर ने कहा था कि दिल्ली गैंगरेप की शिकार छात्रा का नाम अब जगजाहिर करने में कोई हर्ज नहीं है। लालू ने कहा कि उसके नाम से कानून बनाने में बहुत अड़चने हैं। इस मसले पर संसद में मिल बैठकर बात की जाएगी।

गुरुवार को छात्रा के पैतृक गांव पहुंच कर लालू पीड़ित परिजनों से मिले। लालू ने छात्रा के पिता से कहा कि बेटी के साथ जो भी हुआ अच्छा नहीं हुआ। बहादुर बेटी ने साहस का परिचय देते हुए दरिंदों से लड़ कर अपनी जान गंवाई है। उसने जान नहीं दी, शहादत दी है। उसका बलिदान खाली नहीं जाएगा। उसके नाम से स्मारक व अस्पताल बनाया जाना चाहिए।
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‘ए अंबिका तू पीड़ित परिवार के ख्याल रखिह’
दिल्ली गैंगरेप की शिकार छात्रा के गांव पहुंचे लालू प्रसाद यादव अपने अंदाज में दिखे। उन्होंने पीड़ित परिजनों से भोजपुरी में ही बात की। इस दौरान बिटिया के दरवाजे से ही उन्होंने इलाके के पूर्व विधायक व सूबे के राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी से मोबाइल पर बात की और कहा कि ‘ए अंबिका तू पीड़ित परिवार के ख्याल रखिह...।’

लालू पीड़ित परिवार के साथ पूरे समय गमगीन रहे। आंखें डबडबाई हुईं और चेहरे पर गुस्सा था। उन्होंने पीड़िता के पिता व दोनों भाइयों से भोजपुरी में ही बात की। कहा कि ‘ए भइया तू घबड़इह मत, जब भी जरूरत पड़ी हमके तू याद करिह। हमरे मोबाइल के नंबर तू डायरी में नोट कइल। हम तोहसे वादा करत बानी कि बिटिया के न्याय दिलावे और परिवार के दुख में हमेशा खड़ा रहब।’ यह सुन पीड़िता के पिता की आंख से अश्रु धारा प्रवाहित होने लगी। जिस पर लालू भी अपने आपको नहीं रोक सके। पीड़ित परिजन व गांव के लोग उन्हें छोड़ने के लिए वाहन तक आए।

छात्रा के गांव पहली बार पहुंचा कोई वीआईपी
जिले के पिछड़े गांवों में से एक छात्रा का गांव, इन दिनों खून के आंसू रो रहा है। गांव में न रास्ता है, न बिजली है और ना ही पीने के लिए साफ पानी। शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधा तो दूर की बात है। ऊपर से इस गांव की बिटिया को दिल्ली के बलात्कारियों ने अपनी हवस का शिकार बना डाला। गांव में विकास के लिए लोगों ने नेताओं से बार-बार गुहार की, लेकिन कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया।

राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी ने क्षेत्र से चार बार चुने जाने के बाद भी गांव की तरफ कभी मुड़कर नहीं देखा। वर्तमान विधायक उपेंद्र तिवारी ने भी अब तक कोई पहल नहीं की। दिल्ली की घटना के बाद पहली बार लालू यादव के कद का कोई बड़ा नेता गांव पहुंचा। अब तक सांसद नीरज शेखर, अंबिका चौधरी व उपेंद्र तिवारी ही पहुंचे थे।
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