उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने कुंभ मेला के लिए छह हजार बसें तैयार की हैं। ये बसें छह मुख्य स्नान के लिए चलाई जाएंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इस साल पांच अस्थाई अड्डे भी बनाए गए हैं। मेला बसों के सही संचालन के लिए मोबाइल चेकिंग दल भी मुस्तैद किया जाएगा।
मेला स्थल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां यात्री बस संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। निगम प्रवक्ता अजय कुमार श्रीवास्तव के अनुसार कुंभ मेला के छह प्रमुख स्नान 14 जनवरी मकर संक्रांति, 27 जनवरी पौष पूर्णिमा, 10 फरवरी मौनी अमावस्या, 15 फरवरी वसंत पंचमी, 25 फरवरी माघी पूर्णिमा और 10 मार्च को महाशिवरात्रि के लिए बसों की व्यवस्था की गई है।
इनमें एक हजार बसें रिजर्व रहेंगी। बसें तीन चरणों में चलेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए पांच अस्थाई अड्डे बनाए गए हैं जिनमें नि:शुल्क शौचालय, पेयजल, कम्प्यूटरीकृत टाइम टेबल, पूछताछ कक्ष, प्राथमिक चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस एवं सूचना केंद्र की स्थापना की गई है। बस संचालन के नियंत्रण के लिए छह चेक पोस्ट भी बनाए गए। जाम और ब्रेक डाउन से निजात दिलाने के लिए मोबाइल ब्रेक डाउन सहायता दल सक्रिय रहेगा। यात्री सुविधाओं पर निगरानी के लिए एक प्रधान प्रबंधक स्तर के अधिकारी भी तैनात रहेंगे।
तीन चरणों में चलेंगी बसें
- 1800 बसें 10 जनवरी से पांच फरवरी तक
- 6000 बसें छह फरवरी से 16 फरवरी तक
- 2750 बसें 17 फरवरी से 10 मार्च तक
यहां बनाए अस्थाई अड्डे
- मुख्य मेला अड्डा, झूंसी
- केपी कॉलेज ग्राउंड
- अरैल
- एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट ग्राउंड, नैनी
- फाफामऊ
अग्रिम आरक्षण की व्यवस्था
परिवहन निगम ने मेला स्थल पर आने वाले यात्रियों के लिए अग्रिम आरक्षण की व्यवस्था भी की है। इसके लिए यात्री या ग्राम प्रधान पूरी बस यानी 60 यात्रियों के समूह के लिए अग्रिम आरक्षण करा सकता है। ऐसा करने पर निगम बुकिंग कराने वाले यात्री या ग्राम प्रधान को दो यात्रियों के टिकट का भाड़ा वापस करेगा।